मुंबई, 26 मई (भाषा) विमानन कंपनी जेट एयरवेज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संगठन ने बृहस्पतिवार को कहा कि एयरलाइन के लिए जालान-कालरॉक गठजोड़ की समाधान प्रक्रिया के खिलाफ उसने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधीकरण (एनसीएलएटी) में अपील दायर की है।
ब्रिटेन की कालरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात के उद्योगपति मुरारी लाल जालान के गठजोड़ की समाधान प्रक्रिया को अक्टूबर, 2020 में एयरलाइन के ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) ने मंजूरी दी थी। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधीकरण (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ ने भी समाधान प्रक्रिया को मंजूरी दी थी।
पिछले सप्ताह ही नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने जेट एयरवेज के हवाई परिचालन प्रमाणन का पुन: सत्यापन करते हुए उसकी हवाई उड़ानों को फिर शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया था।
ऑल इंडिया जेट एयरवेज ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन में अध्यक्ष किरण पावस्कर ने एक बयान में कहा, ‘‘यह समाधान योजना पूर्ववर्ती जेट एयरवेज की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों, इसके कर्मचारियों के इस्तेमाल के बारे में कई परिकल्पनाओं पर आधारित है।’’
बयान के मुताबिक, एनसीएलएटी के समक्ष याचिका में संगठन ने अनुरोध किया कि सभी कर्मचारियों को ग्रैच्युटी का पूरा भुगतान किया जाए, अबतक जिस वेतन का भुगतान नहीं किया गया वह दिया जाए, अर्जित अवकाश के एवज में भुगतान किया जाए, अप्रैल, 2018 से जून, 2019 के बीच का बोनस दिया जाए और छंटनी मुआवजे का पूर्ण भुगतान किया जाए।
संगठन ने दावा किया कि एयरलाइन कर्मचारियों पर ग्रैच्युटी, अर्जित अवकाश, देय वेतन और बोनस जैसे वैधानिक अधिकार छोड़ने का दबाव बना रही है।
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