वाराणसी (उप्र), छह मई (भाषा) उत्तर प्रदेश में वाराणसी के ज्ञानवापी और शृंगार गौरी परिसर में अदालत के आदेश पर शुक्रवार को एक टीम वीडियोग्राफी—सर्वेक्षण के लिए पहुंची। इससे पहले ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी की आशंका के चलते कुछ लोगों ने नारेबाजी की, मगर पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक स्थानीय अदालत के आदेश पर काशी विश्वनाथ धाम—ज्ञानवापी स्थित शृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों की वीडियोग्राफी तथा सर्वेक्षण के काम के लिए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र और वादी पक्ष के कई लोग ज्ञानवापी पहुंचे थे। काम शुरू होने से पहले ज्ञानवापी में जुमे की नमाज पढ़ने के लिए काफी भीड़ एकत्र हो गयी।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, पुलिस ने नारेबाजी कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। इस बीच, काशी विश्वनाथ धाम—ज्ञानवापी के आसपास की दुकानें बंद कर दी गयीं।
ज्ञानवापी मस्जिद का रखरखाव करने वाली संस्था ‘अंजुमन इंतजामिया मसाजिद’ के सह सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने ‘पीटीआई—भाषा’ को बताया, ”मुस्लिम पक्ष के लोग ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी का विरोध कर रहे थे, क्योंकि मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी करना वर्जित है।”
उन्होंने दावा किया कि अदालत ने जिन स्थलों की वीडियोग्राफी—सर्वेक्षण का आदेश दिया है उसमें मस्जिद के अंदर का परिसर शामिल नहीं है।
यासीन ने बताया, ”विरोध के बाद सर्वेक्षण टीम ने शाम चार बजे से शृंगार गौरी, नंदी और ज्ञानवापी कूप समेत कई स्थानों पर अपना काम शुरू कर दिया।”
सूत्रों ने बताया कि विवाद से कुछ समय पहले काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट संख्या चार के सामने बैरिकेडिंग के पास एक महिला कपड़ा बिछाकर नमाज पढ़ने लगी। बाद में पुलिस महिला को लेकर थाने चली गयी। पुलिस के अनुसार महिला की पहचान जैतपुरा निवासी आयशा के रूप में हुई है, वह विक्षिप्त है। पुलिस को तलाशी में उसके पास हिन्दू देवी देवताओं की फ़ोटो मिली है।
गौरतलब है कि विश्व वैदिक सनातन संघ के पदाधिकारी जितेन्द्र सिंह विसेन के नेतृत्व में राखी सिंह तथा अन्य ने अगस्त 2021 में अदालत में एक वाद दायर कर शृंगार गौरी के नियमित दर्शन—पूजन और अन्य देवी—देवताओं के विग्रहों की सुरक्षा की मांग की थी। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गत 26 अप्रैल को अजय कुमार मिश्रा को ‘एडवोकेट कमिश्नर’ नियुक्त कर ज्ञानवापी परिसर का वीडियोग्राफी—सर्वेक्षण करके 10 मई को अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। मिश्रा ने वीडियोग्राफी और सर्वेक्षण के लिए छह मई का दिन तय किया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक चूंकि यह मामला संवेदनशील है, इसलिए जिले की सभी थानों की पुलिस के साथ—साथ स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश दिये गये हैं।
भाषा सं सलीम सुरेश
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