तिरुवनंतपुरम, छह मई (भाषा) केरल सरकार ने गिरफ्तार किए गए लोगों और हिरासत में लिए गए कैदियों की चिकित्सा जांच के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं के संबंध में शुक्रवार को ‘चिकित्सा विधिक प्रोटोकॉल’ को मंजूरी दे दी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की बैठक में कानून विभाग द्वारा सुझाए गए संशोधनों के साथ प्रोटोकॉल को मंजूरी दी गई। प्रोटोकॉल के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति या हिरासत में लिए गए कैदी की ‘चिकित्सा विधिक’ जांच के लिए आवेदन राज्य या केंद्रीय सेवा में सेवारत चिकित्सा अधिकारी को सौंपा जाना चाहिए।
बयान के मुताबिक चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति में किसी निजी अस्पताल में एक पंजीकृत चिकित्सक को यह कार्य सौंपा जा सकता है। अगर कैदी महिला है तो यह जांच महिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा की जानी चाहिए।
मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) कानून के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए 12-12 पदों का सृजन करके तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर में विशेष अदालतें स्थापित करने का भी निर्णय लिया।
बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने अगले तीन वर्ष के लिए केरल काजू बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी ए अलेक्जेंडर को नियुक्त करने का भी निर्णय लिया।
भाषा आशीष माधव
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