नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह ने शुक्रवार को एक पत्र लिखकर उन पूर्व नौकरशाहों की आलोचना की जिन्होंने हाल ही में नफरत की कथित राजनीति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए एक चिट्ठी लिखी थी।
लाभार्थियों के एक समूह ने अपने पत्र में कहा कि उनकी (पूर्व नौकरशाहों की) ‘निष्क्रियता’ ने उन्हें बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर दिया था और उन्हें अब वे सुविधाएं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के तहत मिली हैं।
उन्होंने एक खुले पत्र में कहा, ‘‘यह कल्पना से परे है कि आप समाज के एक अदृश्य खतरे पर चुप्पी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए पत्र लिख रहे हैं। जब आपकी गलत और गरीब विरोधी नीतियों के कारण हम गरीबी में जीने को मजबूर थे तो आपने हमारे बारे में कभी नहीं सोचा। तब आपने अपने समर्थन में एक पत्र लिखा था।’
देश के 108 पूर्व नौकरशाहों ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वे “नफरत की राजनीति” को समाप्त करने का आह्वान करें और भाजपा के नियंत्रण वाली सरकारों में कथित रूप से इस पर ‘कठोरता से’ जोर दिया जा रहा है।
लाभार्थियों ने आरोप लगाया कि उन जैसे नौकरशाहों की निष्क्रियता के कारण उन्हें भोजन, आवास, रसोई गैस और बैंक खातों जैसी बुनियादी सुविधाओ से वंचित रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अथक प्रयासों से अब उन्हें ये सुविधाएं मिली हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए लाभार्थियों ने कहा कि जब हर जगह लोग कोविड-19 महामारी के दौरान परेशान थे, उन्होंने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त अनाज दिया कि लोग भूखे नहीं रहें। समूह ने मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम का भी जिक्र किया।
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
