तिरुवंनतपुरम, 18 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा के पूर्व उप सभापति पी जे कुरियन ने सोमवार को साफ किया कि राहुल गांधी की ‘स्थिरता’ संबंधी उनके बयान का मतलब था कि पार्टी अध्यक्ष बनाये जाने के बाद राहुल ने पद छोड़ दिया जो उनके फैसलों में ‘निरंतरता की कमी’ की ओर इशारा करता है।
कुरियन ने कहा कि हालांकि इस पहलू पर उनकी टिप्पणियां और कांग्रेस का अध्यक्ष किसे बनाया जाना चाहिए, इस संबंध में उनके बयान का मीडिया के एक वर्ग ने ‘गलत आशय निकाला’।
कुरियन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में यह भी साफ किया कि उन्होंने एक स्थानीय पत्रिका से जो कहा था, वह पार्टी के जी-23 नेताओं की राय थी और उन्होंने राहुल गांधी पर कोई निजी हमला नहीं किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह नहीं कहा था कि राहुल में स्थिरता की कमी है।’’
पार्टी अध्यक्ष किसे बनाया जाना चाहिए, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि जी-23 के नेता कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल का स्वागत करेंगे बशर्ते वह जिम्मेदारी लेना चाहते हों या यह समूह इस पद के लिहाज से योग्य किसी भी नेता को पार्टी की कमान सौंपने को तैयार होगा भले ही वह गांधी परिवार से नहीं हो।
कुरियन ने कहा, ‘‘लेकिन मैंने कभी यह नहीं कहा कि किसी गैर-गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि जी-23 समूह के नेताओं की पार्टी अध्यक्ष को लेकर राय पर राहुल कोई कदम नहीं उठा रहे या फैसला नहीं ले रहे।
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने कहा था कि राहुल केवल अपने बहुत करीबी कुछ लोगों के सुझाव और उनकी सलाह सुनते हैं और वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की नहीं सुनते।
कुरियन ने यह दावा भी किया कि भाषाई पत्रिका में लेख ‘अनौपचारिक बातचीत’ पर आधारित था और विशुद्ध रूप से साक्षात्कार नहीं था।
भाषा वैभव मनीषा
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