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Wednesday, 4 March, 2026
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शिशिर अधिकारी के खिलाफ अयोग्यता संबंधी याचिका पर सुदीप बंदोपाध्याय मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे

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नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) सांसद शिशिर अधिकारी के खिलाफ दल-बदल विरोधी नियमों एवं संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दायर अयोग्यता संबंधी याचिका को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता एवं सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को 26 अप्रैल को संसद की विशेषाधिकार समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना है।

लोकसभा सचिवालय की समितियों के कार्यक्रमों संबंधी बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा अपने सांसद शिशिर अधिकारी के खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून के तहत दी गई याचिका को जनवरी में विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया था।

बुलेटिन के अनुसार, लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं सांसद सुदीप बंदोपाध्याय की ओर से संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2 (1) के साथ संविधान के अनुच्छेद 102 (2) तथा लोकसभा सदस्य (दल-बदल के आधार पर अयोग्यता) नियम 1985 के नियम छह के तहत शिशिर कुमार अधिकारी के खिलाफ दी गई याचिका पर बंदोपाध्याय को मौखिक साक्ष्य देना है।

इसमें कहा गया है कि उन्हें (बंदोपाध्याय) 26 अप्रैल 2022 को विशेषाधिकार समिति के समक्ष मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत करना है।

शिशिर अधिकारी पश्चिम बंगाल की कांठी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछले वर्ष मार्च में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे।

तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने लोकसभा अध्यक्ष को दी गई याचिका में दल-बदल विरोधी कानून के तहत सदन के सदस्य के रूप में शिशिर अधिकारी को अयोग्य घोषित करने का आग्रह किया था।

भाषा दीपक

दीपक मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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