(सुमीर कौल)
श्रीनगर, तीन अप्रैल (भाषा) सेना ने जुलाई 2020 में दक्षिण कश्मीर के अमशीपुरा में हुई फर्जी मुठभेड़ में तीन व्यक्तियों को मार गिराने के मामले में एक कैप्टन के खिलाफ ‘कोर्ट मार्शल’ की कार्यावाही शुरू कर दी है। अधिकारियों ने रविवार को यहां यह जानकारी दी।
इससे पहले एक ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी’ में पाया गया था कि सैनिकों ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफस्पा) के तहत मिली शक्तियों के ”पार” जाकर कार्रवाई की थी।
जम्मू क्षेत्र के राजौरी जिले के रहने वाले तीन लोगों इम्तियाज अहमद, अबरार अहमद और मोहम्मद इबरार को 18 जुलाई, 2020 को शोपियां जिले के एक सुदूर पहाड़ी गांव में मार गिराया गया था और उन्हें ”आतंकवादी” करार दिया गया था।
हालांकि, जब उनकी मौत को लेकर सोशल मीडिया पर संदेह जताया गया तो सेना ने तुरंत एक ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ शुरू की। इस जांच में प्रथम दृष्टया सबूत मिले कि सैनिकों ने आफस्पा के तहत निहित शक्तियों को ”पार” किया।
अधिकारियों ने कहा कि सेना ने अपने उच्चतम मानकों और आतंकवाद विरोधी अभियानों के नैतिक आचरण के प्रति प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए कैप्टन भूपेंद्र सिंह के खिलाफ ‘कोर्ट मार्शल’ कार्यवाही शुरू की।
‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के बाद दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में साक्ष्य का सारांश रिकॉर्ड करने का काम पूरा किया गया था। इसके बाद, सेना ने एक बयान जारी कर कहा था कि ”साक्ष्य के सारांश को रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। संबंधित अधिकारी आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाहकारों के परामर्श से इसकी जांच कर रहे हैं।”
भाषा जोहेब आशीष
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