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Wednesday, 4 March, 2026
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भारत-नेपाल ने द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने की प्रतिबद्धता जतायी

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नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष शेर बहादुर देउबा ने शनिवार को सीमा पार रेल नेटवर्क एवं बिजली पारेषण लाइन का उद्घाटन किया। साथ ही नेपाल में भारत के रुपे भुगतान कार्ड की शुरुआत की।

दोनों पक्षों ने रेलवे और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने के लिए चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जबकि कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की प्रतिबद्धता जतायी।

देउबा ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दे पर चर्चा हुई और उन्होंने मोदी से द्विपक्षीय तंत्र कायम करके इसे हल करने का आग्रह किया।

मोदी ने मीडिया को दिये बयान में कहा, ‘‘भारत और नेपाल की दोस्ती, हमारे लोगों के आपसी संबंध, ऐसी मिसाल विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलती। हमारी सभ्यता, हमारी संस्कृति, हमारे आदान-प्रदान के धागे, प्राचीन काल से जुड़े हुए हैं। अनादिकाल से हम एक-दूसरे के सुख-दुःख के साथी रहे।’’

उन्होंने कहा कि भारत शांति, समृद्धि और विकास के लिए नेपाल की यात्रा में एक मजबूत साथी रहा है और रहेगा।

मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बिजली सहयोग पर संयुक्त बयान इस क्षेत्र में भविष्य में सहयोग का एक ‘ब्लूप्रिंट’ साबित होगा।

उन्होंने कहा कि नेपाल की जलविद्युत विकास योजनाओं में भारतीय कंपनियों की अधिक भागीदारी पर सहमति बनी है।

वार्ता के बाद, दोनों प्रधानमंत्रियों ने बिहार के जयनगर और नेपाल के कुर्था के बीच पहली ब्रॉड-गेज यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

देउबा ने कहा कि भारत के साथ नेपाल के संबंध ”अत्यंत महत्वपूर्ण” हैं।

नेपाली प्रधानमंत्री एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार को तीन दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे थे।

काठमांडू में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद पिछले साल जुलाई में पांचवीं बार प्रधानमंत्री बनने के बाद देउबा की यह पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा है।

भाषा जोहेब देवेंद्र

देवेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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