कोलकाता, 31 मार्च (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल सरकार को उस नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले में जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है जिसके अंदरूनी अंगों को दुष्कर्मियों ने कथित रूप से क्षति पहुंचायी थी।
मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की अगुवाई वाली खंडपीठ ने राज्य को पीड़िता की चिकित्सकीय दशा पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। उत्तरी 24 परगना जिले के मटिया में 23 मार्च को उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था।
न्यायमूर्ति श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति आर भारद्वाज की पीठ ने कहा, ‘‘ मामले की गंभीरता को देखते हुए हम विद्वान महाधिवक्ता को केस डायरी के साथ ही जांच के चरण एवं स्थिति के बारे में हलफनामे के रूप में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हैं।’’
अदालत ने दिन में नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार की दो घटनाओं के संबंध में अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की जिनमें निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच की दरख्वास्त की गयी है। पहला मामला उत्तरी 24 परगना जिले का और दूसरा मालदा जिले के इंगलिश बाजार का है।
मटिया सामूहिक बलात्कार कांड में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि नाबालिग के निजी अंग क्षतिग्रस्त हो गये हैं तथा आंतें भी फट गयी हैं।
अदालत ने राज्य सरकार को पीड़िता को सभी संभव चिकित्सा सुविधाएं एवं उपचार उपलब्ध कराने तथा चिकित्सकों की सलाह पर उसके माता-पिता को उससे मिलने देने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई चार अप्रैल को है।
भाषा राजकुमार नरेश
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