पणजी, 30 मार्च (भाषा) पिछले महीने हुए चुनाव के बाद गोवा विधानसभा का पहला सत्र बुधवार को बिना विश्वास मत के समाप्त हो गया।
गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 40 सदस्यीय सदन में मजबूत स्थिति में है क्योंकि पार्टी ने 20 सीटें जीती हैं और उसे तीन निर्दलीय और दो विधायक वाली महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का समर्थन प्राप्त है।
विधायिका विभाग द्वारा जारी दूसरे और अंतिम दिन की कार्यसूची में मुख्यमंत्री सावंत के पक्ष में विश्वास प्रस्ताव सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, सुबह जारी संशोधित कार्यसूची से इस प्रस्ताव को हटा लिया गया।
विधायिका विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को सदन के पटल पर बहुमत साबित करने के लिए नहीं कहा है। इसलिए विश्वास मत की कोई आवश्यकता नहीं थी।”
भाषा शफीक पवनेश
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