नयी दिल्ली, 29 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि राजीव गांधी अस्पताल के हृदय रोग विभाग में पिछले दो साल में कुल 218 मरीजों की मौत हुई है जिनमें से 101 ऐसे मरीज हैं जिन्हें स्टेंट लगाया गया था या एंजियोग्राफी की गई थी।
शहर के स्वास्थ्य विभाग ने लिखित जवाब में बताया कि अस्पताल के कोरोनरी केयर यूनिट (सीसीयू) में हुई मौतों की जांच के लिए हाल ही में एक समिति गठित की गई है।
जवाब के अनुसार, मेडिकल रिकॉर्ड विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2020 में 70 जबकि 2021 में 148 मरीजों की मौत हुई है।
जवाब में कहा गया है, राजीव गांधी सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) के हृदय रोग विभाग में पिछले दो साल में हुई 218 मरीजों की मौत में से 101 ऐसे मरीज हैं जिन्हें स्टेंट लगाया गया था या उनकी एंजियोग्राफी हुई थी।
आंकड़ों के अनुसार, सात मार्च 2022 तक अस्पताल के हृदय रोग विभाग में स्टेंट लगवाने वाले और एंजियोग्राफी कराने वाले 17 मरीजों की मौत हुई है।
एक अन्य सवाल के जवाब में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि स्टेंट राजीव गांधी अस्पताल में नहीं खरीदे जा रहे हैं बल्कि जीपी पंत अस्पताल से संबंधित अनुबंध दर पर ‘अदायगी के आधार’ पर उनका उपयोग किया जा रहा है।
भाषा अर्पणा पवनेश
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