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Tuesday, 10 March, 2026
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मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा की नयी समीक्षा स्वतंत्र समिति को करनी चाहिए : केरल ने न्यायालय से कहा

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नयी दिल्ली, 22मार्च (भाषा) केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि 126 साल पुराने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा की नयी समीक्षा विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति द्वारा की जानी चाहिए और केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को इसमें शामिल करने पर विचार करना चाहिए।

केरल सरकार ने न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में कहा कि बांध की समग्र सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया जनवरी 2018 के बांध सुरक्षा निरीक्षण दिशानिर्देश के अनुरूप की जानी चाहिए।

हलफनामे में कहा गया कि समग्र बांध सुरक्षा मूल्यांकन यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि ढांचा ठीक है हर प्रकार से सुरक्षित है और मुल्लापेरिया बांध के मामले में यह बेहद जरूरी है क्योंकि जलग्रहण क्षेत्र में हाल के वर्षों में भीषण बारिश हुई है।

हलफनामे में कहा गया,‘‘ इसलिए ये सुझाव दिए जाते हैं कि (1)विशेषज्ञों के स्वतंत्र पैनल द्वारा मुल्लापेरियार की सुरक्षा की नई समीक्षा की जानी चाहिए,जिसमें डिजाइन, भूविज्ञान, जल विज्ञान, हाइड्रो-मैकेनिकल बांध सुरक्षा, निर्माण और पर्यवेक्षण आदि दक्ष लोग शामिल हों। सीडल्ब्यूसी को इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करने पर विचार करना चाहिए।’’

इसमें कहा गया कि बांध की जलीय, भूकंपीय और संरचनात्मक सुरक्षा की जांच के लिए सभी परीक्षण और जांच की जानी चाहिए और समिति को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इसमें केरल के अधिकारियों की भागीदारी भी हो।

गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने पिछले महीने शीर्ष अदालत से कहा था कि अदालत ने जो मजबूती के उपाय के निर्देश दिए थे उन्हें लागू किए बिना बांध की सुरक्षा की नयी समीक्षा ‘‘न्यायोचित’’ नहीं होगी।

भाषा शोभना पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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