नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) संसद की एक समिति ने भारतीय जनसंचार संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नयन में देरी पर सोमवार को नाराजगी जतायी और कहा कि गतिशील मीडिया उद्योग की विविध जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम संचालित करने में आईआईएमसी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए लक्ष्यों को समय से पूरा करने की आवश्यकता है।
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने अपनी 34वीं अनुदान मांग रिपोर्ट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से परियोजना को जल्दी पूरा करने को कहा। समिति ने कहा कि 2019-20 की पिछली रिपोर्ट में पाया गया था कि उन्नयन परियोजना शुरू नहीं हुई थी और आज भी यथास्थिति है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘समिति यह जानकर हैरान है कि परियोजना में यथास्थिति बनी हुयी है और आज तक नयी दिल्ली परिसर में निर्माण गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं।’
समिति के अनुसार आईआईएमसी में काम की धीमी प्रगति की वजहों के बारे में पूछे जाने पर, मंत्रालय ने बताया कि नयी दिल्ली परिसर में गेस्ट हाउस, छात्रावास भवन और शैक्षणिक ब्लॉक का निर्माण ‘रिज’ प्रबंधन बोर्ड तथा दिल्ली सरकार के नागरिक निकायों से मंजूरी नहीं मिलने के कारण शुरू नहीं किया जा सका।
समिति ने कहा, ‘यह बहुत निराशाजनक है कि ऐसी महत्वपूर्ण परियोजना लंबी अवधि से अटकी हुई है और मंत्रालय अब तक बाधाओं को दूर नहीं कर पाया है।’’
समिति ने आईआईएमसी से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यान्वयन में अत्यधिक देरी को अस्वीकार करते हुए मंत्रालय को परियोजना शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की सिफारिश की।
भाषा अविनाश माधव
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