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Tuesday, 14 April, 2026
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नेपाल के प्रधान न्यायाधीश पर महाभियोग चलाने की चर्चा स्थगित

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(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, 16 मार्च (भाषा) नेपाली संसद प्रतिनिधि सभा का बुधवार का सत्रावसान हो जाने के बाद प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमसेर राणा पर महाभियोग चलाने की चर्चा स्थगित हो गयी।

मुख्य विपक्षी सीपीएन-यूएमएल के सांसदों के व्यवधान के बीच सीपीएन (माओवादी सेंटर) के सांसद देव गुरूंग ने पिछले सप्ताह प्रतिनिधि सभ में संबंधित प्रस्ताव पेश किया था। गुरूंग ने 20 सूत्री महाभियोग प्रस्ताव पेश किया जिसे 98 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

संसद सचिवालय के अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव को 11 सदस्यीय महाभियोग संस्तुति समिति के पास भेजा जाएगा जिसका गठन राणा के विरूद्ध लगे आरोपों का अध्ययन करने के लिए किया गया है।

वरिष्ठ वकील दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि चर्चा संसद के अगले सत्र में होगी और वर्तमान सत्रावसान का उसपर कोई असर नहीं होगा।

प्रस्ताव में सत्तारूढ़ दल के सांसदों ने राणा के विरूद्ध 21 आरोप लगाये हैं । एक महीने पहले सदन में महाभियोग प्रस्ताव दर्ज किया गया था।

महाभियोग प्रस्ताव रखते हुए अध्यक्ष अग्नि प्रसाद सापकोट ने राणा पर प्रधान न्यायाधीश के रूप में अपनी भूमिका निभाने में अक्षम एवं अयोग्य होने का आरोप लगाया था और कहा था कि पीठों का निर्धारण करते समय वह पारदर्शिता नहीं रख पाये।

सदन के 10 वें सत्र के अवसान के बाद अब इस बात पर अनिश्चितता है कि अगला सत्र कब होगा।

संघीय संसदीय प्रवक्ताा रोजनाथ पांडे ने कहा कि महाभियोग प्रस्ताव अब संसद की संपत्ति रहेगा ।

भाषा राजकुमार उमा

उमा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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