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Wednesday, 4 March, 2026
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न्यायालय ने 2022 की न्यायिक परीक्षाओं के लिए पात्र नहीं होने वाले अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा में छूट दी

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नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2020 और 2021 की दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा और दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल होने की पात्रता रखने लेकिन वर्ष 2022 के लिए पात्रता नहीं रखने वाले अभ्यर्थियों की आयु सीमा क्रमश: 32 साल और 45 साल में सोमवार को ढील दे दी।

उच्चतम न्यायालय ने इस तथ्य को ध्यान में रखा कि 2020 में संस्थागत कारणों से और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण ये परीक्षा आयोजित नहीं की गई थी।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए 2022 में होने वाली परीक्षाओं के लिए आयु में छूट एकमुश्त उपाय के रूप में दी जाती है।

पीठ ने कहा, ‘‘हम 2020 और 2021 में पात्र उम्मीदवारों को अनुमति देंगे, जब उन्होंने इस वर्ष परीक्षा में बैठने के लिए 32 वर्ष की आयु पार नहीं की है। हम उन लोगों के लिए भी समान लाभ का विस्तार करेंगे, जिन्होंने इस वर्ष दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा के लिए 2020 और 2021 में 45 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा को पार नहीं किया है। ’’

उच्चतम न्यायालय ने डीएचजेएसई के लिए आवेदन करने के वास्ते 35 वर्ष की न्यूनतम आयु मानदंड को बरकरार रखा क्योंकि यह दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा लिया गया एक नीतिगत निर्णय था।

पीठ ने 2019 के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम 35 वर्ष के न्यूनतम आयु मानदंड (डीएचजेएस के लिए) को बरकरार रख रहे हैं, जहां उसने उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नियमों द्वारा निर्धारित 35 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा और 45 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा को बरकरार रखा था।’’

पीठ ने डीजेएसई और डीएचजेएसई के लिए आवेदन भरने की अंतिम तिथि भी बढ़ा दी, जो अब क्रमशः तीन अप्रैल और 26 मार्च होगी और परीक्षा क्रमशः 24 अप्रैल और तीन अप्रैल को होगी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम निर्देश देते हैं कि परीक्षाओं के संचालन में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी और इस आदेश के विपरीत किसी अन्य अदालत द्वारा रोक का आदेश नहीं दिया जाएगा।’’

उच्चतम न्यायालय इस साल के डीजेएसई और डीएचजेएसई की परीक्षा स्थगित करने वाले न्यायिक पक्ष में पारित दो अलग-अलग आदेशों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा अपने प्रशासनिक पक्ष में दायर दो अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई कर रहा था।

भाषा

देवेंद्र अनूप

अनूप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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