गांधीनगर, नौ मार्च (भाषा) वर्ष 2020 में कोविड महामारी कारण लॉकडाउन के दौरान गुजरात में रह रहे नौ लाख से अधिक प्रवासी कामगारों को ट्रेन और बस से उनके गृहनगर वापस भेजा गया। राज्य विधानसभा में बुधवार को यह जानकारी दी गई।
कांग्रेस विधायक के प्रश्नों के जवाब में श्रम, कौशल विकास और रोजगार मंत्री बृजेश मेरजा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कुल 8.24 लाख कामगार 568 ट्रेन से वापस भेजे गए, जबकि करीब 95,800 कामगार 2500 बसों के जरिये भेजे गए।
मेरजा ने अपने लिखित जवाब में कहा कि राज्य सरकार ने लगभग 8.24 प्रवासी कामगारों को उनके गृह नगर तक पहुंचाने के लिए 568 ट्रेन उपलब्ध कराने हेतु पश्चिम रेलवे को 6.86 करोड़ रुपये का भुगतान किया। मंत्री ने कहा कि कामगारों को बस मुहैया कराने वाले गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) को ‘‘पीएम केयर्स’’ कोष से 42.66 लाख रुपये मिले थे।
उन्होंने कहा कि गुजरात से रवाना होने वाली 568 ट्रेन में से 448 अकेले सूरत शहर से रवाना हुईं, जिनसे 6.53 लाख से अधिक प्रवासी कामगार अपने घर पहुंचे। इसके बाद अहमदाबाद से 185 ट्रेन रवाना हुईं, जिनके माध्यम से 2.69 लाख कामगार अपने घर पहुंचे। मेरजा ने बताया कि 1.02 लाख कामगारों के साथ 68 ट्रेन राजकोट से रवाना हुई थीं। वडोदरा से 56 हजार कामगारों को ले जोन के लिए 41 ट्रेन रवाना हुईं।
भाषा संतोष माधव
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