scorecardresearch
Thursday, 5 March, 2026
होमदेशमहाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी अपना अभिभाषण पूरा किए बिना विधान भवन से बाहर चले गए

महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी अपना अभिभाषण पूरा किए बिना विधान भवन से बाहर चले गए

Text Size:

मुंबई, तीन मार्च (भाषा) महाराष्ट्र विधानमंडल बृहस्पतिवार को बजट सत्र के पहले दिन जबरदस्त हंगामे का गवाह बना। विधायकों की नारेबाजी के बीच राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र में अपना अभिभाषण पूरा किए बिना ही विधान भवन से बाहर चले गए।

राज्यपाल जैसे ही ‘सेंट्रल हॉल’ के मंच पर पहुंचे, सत्तारूढ़ शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के विधायकों ने कोश्यारी के खिलाफ और मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशंसा में नारेबाजी शुरू कर दी।

राकांपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष एवं जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल ने दावा किया कि सत्तारूढ़ एमवीए के विधायकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तारीफ में नारेबाजी की, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने ‘निचले दर्जे’ के नारे लगाए, जिसे राज्यपाल बर्दाश्त नहीं कर सके और राष्ट्रगान का इंतजार किए बिना ही बाहर चले गए।

दूसरी ओर, भाजपा के मुख्य सचेतक आशीष शेलार ने राज्यपाल का अभिभाषण पूरा नहीं हो पाने के लिए एमवीए को दोषी ठहराया।

भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों की गतिविधियों से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक को गिरफ्तार किए जाने के बाद से भाजपा उन्हें कई पदों से हटाने की मांग कर रही है।

शेलार ने कहा, ‘‘विधानमंडल के बाहर और भीतर हमारी एकमात्र मांग यह है कि दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों के साथ संबंध रखने के आरोपी मंत्री नवाब मलिक से इस्तीफा देने को कहा जाए। हम अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। सदन की कार्यवाही का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।’’

वहीं, विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि महाराष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब राज्य के किसी कैबिनेट मंत्री को दाऊद इब्राहिम के सहयोगियों के साथ संबंध होने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दाऊद इब्राहिम 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की साजिश रचने का आरोपी है।

फडणवीस ने कहा कि जब राज्यपाल महाराष्ट्र सरकार की तरफ से अभिभाषण देने आए तो भाजपा जानना चाहती थी कि दाऊद इब्राहिम की समर्थक सरकार का भाषण क्यों सुना जाए।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘मलिक को क्यों बचाया जा रहा है? क्या यह सरकार दाऊद इब्राहिम के प्रति समर्पित है? सरकार किसके दबाव में काम कर रही है?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा मलिक के इस्तीफे की अपनी मांग को लेकर अडिग है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस पूरे प्रकरण पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने एमवीए पर कोश्यारी का अपमान करने का आरोप भी लगाया।

इस बीच, कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर हाल ही में की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर राज्यपाल की आलोचना की और कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

कोश्यारी ने रविवार को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज और चंद्रगुप्त मौर्य का उदाहरण देते हुए गुरु की भूमिका को रेखांकित किया था।

उन्होंने कहा था, ‘‘इस भूमि पर कई चक्रवर्ती (सम्राट), महाराजाओं ने जन्म लिया, लेकिन चाणक्य न होते तो चंद्रगुप्त के बारे में कौन पूछता? समर्थ (रामदास) न होते तो छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में कौन पूछता।’’

कोश्यारी ने कहा था, ‘‘मैं चंद्रगुप्त और शिवाजी महाराज की योग्यता पर सवाल नहीं उठा रहा हूं। जैसे एक मां, बच्चे का भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, उसी तरह हमारे समाज में एक गुरु का भी बड़ा स्थान है।’’

बजट सत्र से पहले भाजपा विधायकों ने मलिक को पद से नहीं हटाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ यहां विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया।

इस बीच, बजट सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा में अनुपूरक मांगों को रखा गया। इसके अलावा प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर, उद्योगपति राहुल बजाज, राज्य के पूर्व मंत्री एनडी पाटिल और पूर्व विधायक गजानन बाबर व विश्वास पाटिल सहित उन हस्तियों को श्रद्धांजलि भी दी गई, जो हाल-फिलहाल में दुनिया को अलविदा कह गए।

भाषा सिम्मी पारुल

पारुल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments