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Friday, 28 February, 2025
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर सिख समुदाय के प्रमुख लोगों की मेजबानी की

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नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास पर सिख समुदाय की कई प्रमुख हस्तियों की मेजबानी की और उनकी सरकार द्वारा समुदाय के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित किया।

पंजाब में विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले यह मुलाकात हुई है। भारतीय जनता पार्टी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस तथा अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा धड़े के साथ गठबंधन करने के साथ ही सिख समुदाय को लुभाने में जी जान से जुटी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में ट्वीट कर कहा कि ये सिख धार्मिक और सामुदायिक नेता सिख संस्कृति को लोकप्रिय बनाने और समाज की सेवा करने में सबसे आगे हैं।

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के विभिन्न प्रयासों पर सिख समुदाय के विशिष्ट सदस्यों के नम्र शब्दों से मैं अभिभूत हूं। मैं इसे अपना सम्मान मानता हूं कि सम्मानित सिख गुरुओं ने मुझे सेवा का मौका दिया और उनके आशीर्वाद से मैं उनके लिए काम करने में सक्षम हो सका हूं।’

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि वह हर दिन समुदाय के लिए काम करना चाहते हैं और उन्होंने अफसोस जताया कि पिछली कांग्रेस सरकारों ने करतारपुर साहिब जैसे सिखों के पवित्र स्थलों को भारतीय क्षेत्र में लाने के मौके गंवा दिए।

सिरसा ने एक संवाददाता सम्मेलन में मोदी के हवाले से कहा कि यदि प्रयास किए जाते तो पाकिस्तान के साथ 1965 और 1971 के युद्धों के बाद वह क्षेत्र भारत को मिल सकता था।

मोदी अक्सर इस बात को लेकर कांग्रेस की आलोचना करते रहे हैं कि 1947 में भारत के विभाजन के समय करतारपुर साहिब पाकिस्तान में नहीं जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने कोई कदम नहीं उठाया।

सिरसा ने कहा कि सिखों को पीड़ा है कि उनसे किए गए कई वादे पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन मोदी सरकार ने करतारपुर साहिब के लिए गलियारा खोलने, गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों की शहादत को मनाने का निर्णय लेने सहित कई ‘ऐतिहासिक’ काम किए हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी से मुलाकात करने वाले सिख समुदाय के लोगों में दिल्ली गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, पद्म श्री से सम्मानित बाबा बलबीर सिंह जी सीचेवाल, यमुना नगर में सेवापंथी के महंत करमजीत सिंह, करनाल में डेरा बाबा जंग सिंह के बाबा जोगा सिंह और अमृतसर में मुखी डेरा बाबा तारा सिंह वा के संत बाबा मेजर सिंह वा शामिल थे।

उन्होंने बताया कि आनंदपुर साहिब में कार सेवा के जत्थेदार बाबा साहिब सिंह, भेनी साहिब के सुरिंदर सिंह नामधारी दरबार, शिरोमणि अकाली बुद्ध दल के बाबा जस्सा सिंह, दमदमी टकसाल के हरभजन सिंह और तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह भी बैठक में शामिल हुए।

प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद उन लोगों ने समुदाय के लिए उनके काम की सराहना की। करमजीत सिंह ने मोदी के हवाले से कहा कि ‘सिखी’ (सिखों से जुड़े गुण)और सेवा उनके खून में है और यह हमारे दिलों को छू गया। सिंह ने समुदाय के लिए लंगरों पर ‘जीएसटी’ हटाने सहित सरकार की विभिन्न पहलों की सराहना की।

कालका ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का उल्लेख किया और प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने नामधारी संप्रदाय के आध्यात्मिक नेता उदय सिंह के साथ अपनी मुलाकात की एक तस्वीर भी पोस्ट की।

भाषा

अविनाश नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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