इंदौर, आठ फरवरी (भाषा) मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक व्यक्ति को कोविड-19 से मृत बताकर उसके नाम पर 50,000 रुपये की सरकारी सहायता राशि का दावा करने का फर्जीवाड़ा सामने आया है।
खास बात यह है कि गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर सांवेर क्षेत्र निवासी इस व्यक्ति ने मंगलवार को खुद जिला प्रशासन के सामने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद जांच के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जानकीलाल डूंगरवाल (50) ने इंदौर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में जन सुनवाई में अपने बेटे हितेश के साथ पहुंचकर यह शिकायत दर्ज कराई।
हितेश ने संवाददाताओं से कहा,‘‘किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरे पिता के नाम का झूठा मृत्यु प्रमाणपत्र और उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की फर्जी जांच रिपोर्ट के साथ मेरे छोटे भाई के नाम से जिलाधिकारी कार्यालय में 18 जनवरी को आवेदन जमा किया। इस आवेदन में मेरे पिता को महामारी से मृत बताकर राज्य सरकार की योजना के तहत 50,000 रुपये की सहायता राशि का दावा किया गया।’’
उन्होंने संदेह जताया कि किसी व्यक्ति ने उनके परिवार को फर्जीवाड़े के मामले में फंसाने के लिए यह हरकत की।
हितेश ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक क्षेत्रीय पटवारी ने उन्हें फोन किया और 50,000 रुपये की सहायता राशि लेने की औपचारिकताएं पूरी करने को कहा।
अतिरिक्त जिलाधिकारी पवन जैन ने बताया कि डूंगरवाल की शिकायत पर जांच का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाने की कोशिश करेंगे कि 18 जनवरी को डूंगरवाल के परिवार को सहायता राशि प्रदान करने का आवेदन जमा करने कौन व्यक्ति जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा था?’
उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति की पहचान होने पर उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भाषा हर्ष नेत्रपाल
नेत्रपाल
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