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सीनियर नेताओं के साथ विजन डॉक्युमेंट जारी करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव | सुमित कुमार
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लखनऊः समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया. घोषणापत्र जारी करते वक्त सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे समाजिक न्याय से महापरिवर्तन, एक नई दिशा, एक नई उम्मीद बताया. अखिलेश ने कहा कि वर्तमान सरकार ने उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया है. इसलिए बिना समाजिक न्याय के रास्ता नहीं निकल सकता.

अखिलेश ने ढाई करोड़ से अधिक संपत्ति वालों पर दो फीसदी का अतिरिक्त टैक्स लगाने, जीडीपी का छह फीसद शिक्षा पर खर्च करने सहित कई बिंदुओं को शामिल किया है. अखिलेश ने सामाजिक न्याय के लिए जातिगत आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है. उनका कहना है कि देश के 10 फीसदी (सामान्य वर्ग) के लोग 60 फीसद राष्ट्रीय संपत्ति पर काबिज हैं.

अखिलेश यादव ने कहा कि हमने इस बार अमीर को अमीर और गरीब को गरीब बनाने से रोकने के लिए सामाजिक न्याय से महापरिवर्तन का रास्ता निकाला है. सामाजिक न्याय से महापरिवर्तन पर आधारित हमारा डॉक्यूमेंट जनता को समर्पित है.


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किसानों का पूरा कर्ज माफ व अहीर रेजीमेंट बनाने का वादा

अखिलेश ने विजन डाॅक्यूमेंट जारी करते वक्त कहा कि जीएसटी और नोटबंदी से बहुत नुकसान हुआ है और बिना प्राइमरी एजुकेशन को बेहतर किए विकास का रास्ता नहीं निकलेगा. उन्होंने कहा कि हम रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम करेंगे. किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा. घोषणापत्र में अहीर रेजीमेंट बनाने पर जोर दिया गया है.

सपा ने अपने घोषणा पत्र में समाजवादी पेंशन योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को तीन हजार रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया है. सपा अध्यक्ष ने शुक्रवार को सपा मुख्यालय में घोषणा पत्र जारी करते हुए इसे विजन डॉक्यूमेंट बताया. अखिलेश यादव ने कहा कि बिना प्राइमरी एजुकेशन को ठीक किये कुछ सही नहीं हो सकता. देश में जीएसटी लागू होने से व्यापारियों का नुकसान हुआ है.

जब अखिलेश से पूछा गया कि सपा-बसपा आरएलडी दोनों साथ चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन साथ में घोषणा पत्र क्यों नहीं जारी किया. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ये केवल सपा का विजन डाॅक्यूमेंट है.


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