वाशिंगटन, 19 अक्टूबर (भाषा) अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के लिए फ्लोरिडा काउंसिल के सदस्य को कांग्रेस (अमेरिकी संसद) और भारतीय-अमेरिकी समूहों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय मीडिया में प्रकाशित एक खबर से यह जानकारी सामने आई है।
‘पाम बे’ काउंसिल के सदस्य शैंडलर लैंगविन ने बीते तीन सप्ताह में सोशल मीडिया पर भारतीय समुदाय के खिलाफ कई नफरत भरे पोस्ट किए और उसके सदस्यों को देश से बाहर करने की मांग की।
लैंगविन ने अपने एक पोस्ट में कहा, “आज मेरा जन्मदिन है और मैं बस यही चाहता हूं कि डोनाल्ड ट्रंप सभी भारतीयों का वीजा रद्द कर दें और उन्हें तुरंत निर्वासित कर दें। अमेरिका अमेरिकियों के लिए है।”
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, “अगर कोई सिर्फ भारतीयों को नौकरी पर रखता है, भारत में धन भेजता है, भारतीय चुनावों में प्रचार करता है, अमेरिका की सरकारी इमारतों पर भारतीय झंडा फहराने के लिए पैरवी करता है और उसके परिवार का कोई भी सदस्य हमारी सेना में सेवा देने को तैयार नहीं है, तो उसकी वफादारी भारत के प्रति है और उसे निर्वासित किया जाना चाहिए।”
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ में शुक्रवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, भारतीय-अमेरिकी समूहों के सदस्य ‘पाम बे’ सिटी काउंसिल के कक्षों में होने वाली बैठकों में उमड़ पड़े और लैंगविन की टिप्पणियों की निंदा करते हुए बयान जारी किए तथा उनके इस्तीफे की मांग की।
‘पाम बे’ सिटी काउंसिल ने लैंगविन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को दो के मुकाबले तीन मतों से पारित किया।
‘सेंट्रल फ्लोरिडा पब्लिक मीडिया’ की शुक्रवार को प्रकाशित खबर में कहा गया कि काउंसिल के प्रस्ताव के तहत लैंगविन को किसी भी मुद्दे को एजेंडे में शामिल करने से पहले आम सहमति बनानी होगी, आयुक्तों की टिप्पणियों के दौरान उन्हें चुप रहने का आदेश दिया जाएगा और उन्हें समितियों से हटा दिया जाएगा।
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने एक खुले पत्र में फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस से लैंगविन को पद से हटाने का आह्वान किया।
‘एशियन अमेरिकन होटल ओनर्स एसोसिएशन’ के पूर्व अध्यक्ष भरत पटेल ने दो अक्टूबर को कहा था कि लैंगविन की टिप्पणी ‘‘इतिहास की कुछ सबसे गलत बयानबाजी की प्रतिध्वनि’’ है, जो संभावित रूप से हिंसा को भी बढ़ावा दे सकती है।
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ की खबर के मुताबिक, ‘इंडियन-अमेरिकन बिजनेस एसोसिएशन एंड चैंबर’ के अध्यक्ष प्रशांत पटेल ने काउंसिल के सदस्यों से कहा कि लैंगविन की हरकतें बेहद निंदनीय हैं।
भाषा जितेंद्र पारुल
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