कोलंबो, छह अक्टूबर (भाषा) जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने सोमवार को श्रीलंका में सुलह, जवाबदेही और मानवाधिकारों को बढ़ावा देने संबंधी एक प्रस्ताव को अंगीकार किया।
बिना मतदान के अंगीकार किए गए इस प्रस्ताव से श्रीलंका में मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) का कार्यकाल दो वर्ष के लिए और बढ़ गया है।
इसमें सरकार से आग्रह किया गया है कि वह लंबे समय से लंबित प्रांतीय परिषदों के चुनाव कराकर राजनीतिक अधिकार के हस्तांतरण के लिए प्रतिबद्ध हो, तथा सभी प्रांतीय परिषद “श्रीलंका के संविधान के तेरहवें संशोधन के अनुसार प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम हों।”
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के स्थायी प्रतिनिधि ने ओएचसीएचआर के कार्यकाल के विस्तार की आलोचना की तथा इसे अभूतपूर्व एवं वास्तविक घरेलू सुलह प्रयासों के प्रतिकूल बताया।
भाषा
नेत्रपाल अविनाश
अविनाश
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