नई दिल्ली: अमेरिका के लोगों और दुनिया को बुधवार रात दिए अपने नए संदेश में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध पर मिले-जुले संकेत दिए. उन्होंने कहा कि यह “दो से तीन हफ्तों” में खत्म हो सकता है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि इसे बढ़ाकर देश को “पाषाण युग” में वापस भेज दिया जाएगा.
ट्रंप ने अपने 19 मिनट के संबोधन में कहा, “जो प्रगति हमने की है, उसके कारण मैं आज रात कह सकता हूं कि हम जल्द ही अमेरिका के सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के रास्ते पर हैं. बहुत जल्द. अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे. हम उन्हें पाषाण युग में वापस भेज देंगे, जहां उन्हें होना चाहिए. इस बीच, बातचीत जारी है. शासन परिवर्तन हमारा लक्ष्य नहीं था.”
“हमने कभी नहीं कहा कि शासन परिवर्तन, लेकिन शासन परिवर्तन हो चुका है क्योंकि उनके सभी पुराने नेताओं की मौत हो चुकी है. वे सभी मर चुके हैं. नया समूह कम कट्टरपंथी और ज्यादा समझदार है. फिर भी, अगर इस समय के दौरान कोई समझौता नहीं होता, तो हमारी नज़र अहम ठिकानों पर है. अगर कोई समझौता नहीं होता, तो हम उनके हर एक बिजली बनाने वाले प्लांट पर बहुत जोरदार और शायद एक साथ हमला करेंगे.”
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल उत्पादन पर हमला नहीं किया है, लेकिन “हम कर सकते हैं और वह खत्म हो जाएगा. वे इसके खिलाफ कुछ नहीं कर पाएंगे.” उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में दिए अपने अन्य बयानों को भी दोहराया.
युद्ध खत्म करने के लिए समझौते की ज़रूरत होने का ट्रंप का दावा ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि संघर्ष खत्म करने के लिए उन्हें ईरान के साथ समझौते की ज़रूरत नहीं है.
साथ ही, जबकि उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने सभी लक्ष्यों में सफल रहा है और शासन परिवर्तन उनमें से एक नहीं था, पिछले महीने संघर्ष के शुरुआती दिनों में ट्रंप ने ईरान के लोगों से कहा था कि जब अमेरिका तेहरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी कर ले, तो वे सरकार को अपने हाथ में ले लें.
अमेरिका-इज़रायल का हमला 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ शुरू किया गया था.
ट्रंप ने संबोधन में कहा, “हम व्यवस्थित तरीके से शासन की उस क्षमता को खत्म कर रहे हैं जिससे वह अमेरिका को धमका सके या अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखा सके. इसका मतलब है ईरान की नौसेना को खत्म करना, जो अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, उनकी वायुसेना और मिसाइल कार्यक्रम को पहले कभी न देखे गए स्तर तक नुकसान पहुंचाना और उनके रक्षा उद्योग को पूरी तरह खत्म करना. हमने यह सब कर दिया है. उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है. उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है. उनकी मिसाइलें लगभग खत्म हो चुकी हैं या बेअसर हो गई हैं.”
अपने संबोधन से कुछ घंटे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक खुले पत्र में अमेरिका के साथ बातचीत करने की तेहरान की इच्छा दोहराई और अमेरिकी लोगों से पूछा, “युद्ध से किसका फायदा हो रहा है?”
To the people of the United States of America pic.twitter.com/3uAL4FZgY7
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 1, 2026
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ खोलने पर ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि युद्ध के “मुख्य रणनीतिक लक्ष्य” “पूरा होने के करीब” हैं. उन्होंने इस संघर्ष के मुख्य मुद्दे, महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलने को ऐसा मुद्दा बताया जिसे अन्य देशों को समर्थन देना चाहिए क्योंकि अमेरिका “इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से लगभग कोई तेल आयात नहीं करता.”
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को प्रभावी रूप से बंद करने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जबकि गैस निर्यात प्रभावित हुआ है. कुछ हफ्ते पहले साउथ पार्स में अपने प्राकृतिक गैस ठिकानों पर इजराइल के हमलों के बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया है. ईरान की जवाबी कार्रवाई से कतर की तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात क्षमता का लगभग 17% खत्म हो गया.
ट्रंप ने कहा, “दुनिया में हमारे जैसा कोई देश नहीं है और हमारा भविष्य बहुत अच्छा है. अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के जरिए लगभग कोई तेल आयात नहीं करता और भविष्य में भी नहीं करेगा. हमें इसकी ज़रूरत नहीं है. हमें पहले भी ज़रूरत नहीं थी और अब भी नहीं है. हमने ईरान को हरा दिया है और पूरी तरह कमजोर कर दिया है. वे सैन्य, आर्थिक और हर दूसरे तरीके से कमजोर हो चुके हैं.”
“दुनिया के वे देश जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से तेल लेते हैं, उन्हें उस रास्ते का ध्यान रखना चाहिए. उन्हें इसकी कद्र करनी चाहिए. उन्हें इसे संभालना चाहिए और इसकी रक्षा करनी चाहिए. वे यह आसानी से कर सकते हैं. हम मदद करेंगे, लेकिन उन्हें उस तेल की सुरक्षा में आगे आना चाहिए जिस पर वे बहुत ज्यादा निर्भर हैं. इसलिए उन देशों से, जिन्हें ईंधन नहीं मिल पा रहा है और जो ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने से मना कर रहे हैं, हमें यह काम खुद करना पड़ा.”
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा समझौता नहीं हुआ जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के जरिए ऊर्जा का प्रवाह जारी रहे, तो वे ईरान के ऊर्जा ढांचे को खत्म कर देंगे. उन्होंने पिछले हफ्ते की शुरुआत में यह अल्टीमेटम दिया था, जिसे 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया.
अपने संबोधन में उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से तेल लेने वाले देशों से कहा कि वे “थोड़ा देर से ही सही, हिम्मत जुटाएं” और जाकर “इसे अपने लिए लें, इसकी रक्षा करें और इसका इस्तेमाल करें. ईरान को लगभग पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है.”
उन्होंने कहा कि जैसे ही युद्ध खत्म होगा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ “स्वाभाविक रूप से” खुल जाएगा और ऊर्जा की ऊंची कीमतें भी कम हो जाएंगी.
ट्रंप के लिए वैश्विक तेल की कीमतें घरेलू मुद्दा भी हैं. पूरे अमेरिका में एक गैलन पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर है. ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान में पेट्रोल की कीमतें कम करने का वादा किया था और पहले अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन की “विफलता” की आलोचना की थी.
अमेरिका में इस साल के अंत में मिड-टर्म चुनाव होने हैं और पेट्रोल की कीमतें ट्रंप प्रशासन के लिए एक अहम मुद्दा बन सकती हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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