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Wednesday, 4 February, 2026
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श्रीलंका: राष्ट्रपति ने ‘दित्वा’ राहत सहायता के लिए पड़ोसियों को धन्यवाद दिया

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कोलंबो, पांच दिसंबर (भाषा) राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शुक्रवार को ‘दित्वा’ आपदा के बाद आपातकालीन राहत सहायता के लिए भारत सहित ‘मित्र पड़ोसी देशों’ का आभार व्यक्त किया।

‘दित्वा’ चक्रवाती तूफान में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी।

श्रीलंका चक्रवात ‘दित्वा’ के बाद अचानक आई भीषण बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के व्यापक नुकसान से जूझ रहा है।

इस आपदा के कारण कई जिले अलग-थलग पड़ गए हैं और देश की आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता पर भारी दबाव पड़ा है।

भारत, ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत प्रदान करने वाला पहला देश था। दिसानायके ने यहां संसद में एक बयान में कहा, “इस स्थिति का सामना करना आसान नहीं है। हमारे पास इस तरह की गंभीर स्थिति का सामना करने के लिए आवश्यक उपकरण क्षमता का अभाव है। इसलिए मैं अपने पड़ोसी देशों का आभारी हूं कि उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए हमारी सहायता की।”

श्रीलंका को भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और मालदीव से सहायता मिली।

इससे पहले बुधवार को दिसानायके ने ‘एक्स’ पर कई पोस्ट कर भारत और दक्षिण एशिया के अन्य देशों द्वारा दी गई त्वरित सहायता के लिए धन्यवाद दिया।

दिसानायके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश व श्रीलंका को भारत के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक सराहना की और कहा, “सागर बंधु’ पहल के तहत भारत की त्वरित सहायता हमारी साझेदारी की गहराई और हमारे देशों के बीच स्थायी सद्भावना को रेखांकित करती है।”

इस बीच, आपदा प्रबंधन केंद्र के आंकड़ों से पता चला कि 16 नवंबर से आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण शुक्रवार शाम तक कम से कम 607 लोगों की मौत हो गयी और 214 लोग लापता बताये जा रहे हैं।

केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 43,715 परिवारों के 1,52,537 लोग प्रभावित हुए हैं और ये 1,211 सुरक्षा केंद्रों में शरण लिए हुए हैं।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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