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Wednesday, 11 March, 2026
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सिंगापुर: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दोषी भारतीय मूल के व्यक्ति को 14 सप्ताह की सजा

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सिंगापुर, 11 फरवरी (भाषा) सिंगापुर की एक अदालत ने बुधवार को भारतीय मूल के एक व्यक्ति को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और एक सार्वजनिक अधिकारी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने के आरोप में 14 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह जानकारी प्राप्त हुई।

चैनल न्यूज एशिया (सीएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, 36 वर्षीय विकनेस्वरन वी मोगनावल ने धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के अधिनियम के तहत एक आरोप और एक लोक सेवक के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करने के दूसरे आरोप में दोषी होने की बात स्वीकार कर ली है।

वह इसलिए नाराज था क्योंकि उसके पड़ोसी के बच्चे अक्सर उसके अपार्टमेंट के पास वाले साझा गलियारे में खेलते थे।

उसकी पड़ोसी अपने पति, तीन बच्चों, सास, बहन और एक नौकरानी के साथ वहीं रहती थी।

उन्होंने इससे पहले सामुदायिक पुलिस इकाई से शोर की समस्या के बारे में शिकायत की थी।

शुरुआत में स्थिति में सुधार हुआ लेकिन पिछले वर्ष दिवाली के मौके पर जब बच्चे वहां खेल रहे थे तो वह उनके शोरगुल से नाराज हो गया। उसने कहा कि दिवाली उसका त्योहार है और बच्चों के वहां खेलने के कारण उसे अपने घर पर आयोजित एक कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।

विकनेस्वरन को पता था कि उसकी पड़ोसी और उसका परिवार मलय-मुस्लिम हैं और इस्लाम में सूअर का मांस खाना वर्जित है।

गुस्से में आकर उसने सूअर के मांस का एक डिब्बा खोला और उसे गलियारे के फर्श पर फैला दिया ताकि जब उसके पड़ोसी वहां से गुजरें तो उन्हें सूअर का मांस दिखाई दे।

उस दिन रात करीब 10:15 बजे उसने पुलिस को फोन किया और कहा कि उसका मन कर रहा है कि वह अपने पड़ोसी के घर पर सूअर का मांस फेंक दे।

जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने सबूत के तौर पर गलियारे में पड़े सूअर के मांस की तस्वीरें लीं।

उसे 20 अक्टूबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया, उस पर आरोप लगाए गए और बाद में उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में रखा गया।

उसने एक अन्य मामले में भी स्वीकार किया कि उसने फरवरी 2025 में पुलिस को गाली दी थी।

उप लोक अभियोजक चोंग की एन ने 14 सप्ताह की जेल की सजा की मांग करते हुए कहा कि विकनेस्वरन ने ‘अपरिपक्वता का परिचय दिया और शर्मनाक कृत्य’ किया।

अदालत में उसने कहा कि उसे सही में अपने किए पर अफसोस है और वह शर्मिंदा है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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