तियानजिन, एक सितंबर (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी ‘ऑरस लिमोजीन’ कार में लिफ्ट दी और उसमें उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता के लिए अपनी टीमों के साथ शामिल होने से पहले एक घंटे तक बातचीत की।
रूसी राष्ट्रपति ने कार में बैठने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के आने का लगभग 10 मिनट तक इंतज़ार किया। बैठक स्थल तक पहुंचने में उन्हें लगभग 15 मिनट लगे लेकिन बातचीत जारी रखने के लिए उन्होंने कार में 45 मिनट और बिताए।
रूसी राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन ‘वेस्टीएफएम’ की रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ दोनों नेताओं ने होटल पहुंचने के रास्ते में बातचीत जारी रखी और होटल पहुंचने पर भी वे रूसी राष्ट्रपति की लिमोजीन से नहीं उतरे, बल्कि 45 मिनट तक बातचीत करते रहे।’’
बाद में, ‘क्रेमलिन’ (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों नेताओं ने कार में लगभग एक घंटे तक बातचीत की।
पेस्कोव ने पुतिन की चीन यात्रा को कवर कर रहे एक टीवी रिपोर्टर से कहा ,‘‘वे इस महत्वपूर्ण बातचीत में बाधा नहीं डालना चाहते थे। कार के अंदर घर जैसे माहौल ने भी इसमें भूमिका निभाई।’’
उन्होंने कहा,‘‘ पहली बात यह है कि वे घर पर थे और दूसरी बात यह है कि जब कोई महत्वपूर्ण चर्चा चल रही हो तो अलग-अलग जगहों पर घूमने-फिरने आदि का समय ही नहीं होता। वे वहां सहज महसूस कर रहे थे और इसीलिए उन्होंने बातचीत जारी रखी। लेकिन (द्विपक्षीय) एजेंडा वाकई बहुत गंभीर है।’’
मोदी ने सोशल मीडिया पर, लिमोजीन के अंदर अपनी और रूस के राष्ट्रपति की एक तस्वीर भी साझा की।
मोदी ने कहा, ‘‘एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल पर साथ-साथ पहुंचे। उनके साथ बातचीत हमेशा सार्थक होती है।’’
मॉस्को में विशेषज्ञों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि पुतिन की राष्ट्रपति कार को इस तरह से बनाया गया है कि कोई वहां हो रही बातचीत को नहीं सुन सकता और शायद यही कारण है कि दोनों नेता उसमें अत्यंत संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मोदी और पुतिन के बीच शायद यह सबसे महत्वपूर्ण गोपनीय बातचीत थी, जिसमें उन्होंने संभवतः ऐसे मुद्दों पर चर्चा की जिसकी ‘‘जानकारी किसी और को नहीं हुई’’।
अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, मोदी ने पुतिन को बताया कि यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की जरूरत है और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के तरीके खोजे जाएं।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत रूसी नेता के स्वागत का इंतजार कर रहा है।
पुतिन दिसंबर में मोदी के साथ शिखर वार्ता करने के लिए भारत आने वाले हैं।
भाषा शोभना सुभाष
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