नई दिल्ली: 26/11 हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाए जाने को लेकर वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की समीक्षा से पहले भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को पाकिस्तान की इस घोषणा को “दिखावटी” बताया.
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “पाकिस्तानियों की ऐसी चालें और लोगों को गुमराह करने की कोशिशें नई नहीं हैं. आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी देश की ओर से की गई दिखावटी घोषणाओं का कोई मतलब नहीं है. उन्हें वास्तव में कार्रवाई करनी चाहिए.”
उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) द्वारा एक दिन पहले की गई घोषणा के बाद आई. FIA ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के संस्थापक मसूद अजहर को पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए इनाम 20 लाख पाकिस्तानी रुपये बढ़ा दिया. उसे अपनी सबसे वांछित आतंकवादियों की नई रेड बुक में भगोड़े के तौर पर भी सूचीबद्ध किया गया है. मौजूदा इनाम 70 लाख पाकिस्तानी रुपये है.
यह कदम अक्टूबर में होने वाली FATF की पूर्ण बैठक से पहले आया है. इसे पाकिस्तान की उस कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए वह इस निगरानी संस्था की ग्रे लिस्ट में दोबारा शामिल होने से बचना चाहता है.
पाकिस्तानी अधिकारी 2021 से दावा करते रहे हैं कि अजहर देश छोड़कर अफगानिस्तान भाग गया था. लेकिन काबुल में तालिबान ने पिछले सप्ताह इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि वह अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देशों के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने देगा.
भारत में अजहर कई बड़े आतंकवादी हमलों के मामलों में अब भी वांछित है. इनमें 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई हमला, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला और 2019 का पुलवामा बम धमाका शामिल हैं.
FIA की नई रेड बुक में 1,804 लोगों को सबसे वांछित आतंकवादियों के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है. 2021 के संस्करण में ऐसे 1,330 लोग थे. यानी इसमें करीब 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
इसमें उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिनकी पहचान पाकिस्तानी जांचकर्ताओं ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में भूमिका निभाने वाले लोगों के तौर पर की है. इन हमलों में कम से कम 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. सूची में 19 ऐसे लोगों के नाम हैं, जिन पर हमलावरों को भारत पहुंचाने वाले समुद्री अभियान के लिए फंडिंग करने, उसे आयोजित करने या उसमें मदद करने का आरोप है.
उनमें से सत्रह की पहचान तस्वीरों और उनके कथित रोल के ब्यौरे से हुई है. दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान ने दो लोगों, तुर्बत के मुहम्मद खान और बहावलनगर के अब्दुल रहमान की एंट्री से तस्वीरें, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े होने और ऑपरेशनल डिटेल्स हटा दिए. ये डिटेल्स एजेंसी की 2021 की लिस्ट में थी.
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