तेल अवीव (इजरायल) : न्यायपालिका में आमूलचूल बदलाव की नेतन्याहू सरकार की ज्यूडिशियल ओवरहाल बिल योजना के खिलाफ शनिवार रात (स्थानीय समय) पूरे इज़राइल में लगातार 27वें सप्ताहांत में विरोध प्रदर्शन हुए. इस बिल के जरिए सुप्रीम कोर्ट की कुछ शक्तियां वापस ले ली जाएंगी और न्यायाधीशों को चुनने में गठबंधन को निर्णायक अधिकार मिल जाएगा. द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह खबर दी है.
चैनल 13 ने, क्राउड असेस्मेंट कंपनी, क्राउड सॉल्यूशंस के हवाले से बताया कि हवाई फुटेज के मुताबिक 1 लाख 40 हजार से ज्यादा लोग तेल अवीव में जमा हुए, बाकी अन्य जगहों पर 10 हजार से अधिक लोग इकट्ठा हुए. यह विरोध-प्रदर्शन कार्यपालिका और विधायी शाखाओं की न्यायिक निगरानी की शक्ति को कम करने वाले विधेयक के सोमवार को नेसेट में पहली बार पेश किए जाने से ठीक पहले हुआ है.
विरोध का नेतृत्व करने वालों ने सरकार के नए प्रयासों के प्रति अपने विरोध को और तेज करने कहा है.
तेल अवीव में हो रहे मुख्य प्रदर्शन में बोलते हुए, विश्व प्रसिद्ध इजरायली इतिहासकार युवल नोआ हरारी ने कहा, “अब नेतन्याहू सरकार को रोकने का समय आ गया है.”
उन्होंने कहा, “नेतन्याहू सरकार इजरायल के सपने के लिए जो कुछ भी कर रही है उसके खिलाफ हमें गुस्सा जाहिर करना चाहिए. अगर सरकार न मानें तो उसे पता चलना चाहिए कि जब हम गुस्सा होंगे तो क्या होगा.”
द टाइम्स इजरायल के मुताबिक, येरुसलम में राष्ट्रपति आवास के बाहर बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कनाडा में जन्मे इजरायली लेखक और पत्रकार मैटी फ्रेडमैन ने इजरायल को चेताया, संभावित रूप से, यह लेबनान की तरह एक नाकाम राज्य में बदल सकता है, जो भ्रष्टाचार और आंतरिक विभाजन से बिखरा हुआ है. उन्होंने जोर देकर कहा पर ऐसा होने नहीं दिया जाएगा.
विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए, पुलिस ने कहा कि विरोध करने के प्रदर्शनकारियों को अधिकार को बरकरार रखेंगे, लेकिन वे दंगे, किसी इन्फ्रास्ट्रक्चर को या सरकार के प्रतीकों के नुकसान और पुलिस अधिकारियों की क्षति बर्दाश्त नहीं करेंगे.
मुख्य तेल अवीव रैली की समाप्ति के बाद, कुछ प्रदर्शनकारी अयालोन राजमार्ग पर पहुंचे और इसे थोड़े समय के लिए दोनों तरफ से अवरुद्ध कर दिया. हिब्रू भाषा के मीडिया आउटलेट्स की ओर प्रकाशित किए फुटेज में देखा गया कि एक मोटरसाइकिल सवार ने प्रदर्शनकारियों को टक्कर मार दी. रिपोर्टों का दावा है कि उसने एक पॉइंट पर चाकू निकाल लिया.
इस साल के शुरुआत में, इजराइल के रक्षामंत्री योव गैलेंट ने ‘स्पष्ट खतरे’ की बात करते हुए न्यायिक ओवरहाल को रोकने की मांग की थी, क्योंकि विवादास्पद कानून के विरोध में सैकड़ों रिजर्व सैनिकों ने ड्यूटी पर न आने की धमकी दी थी. इसके चलते प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उन्हें बर्खास्त कर दिया. इस निर्णय के बाद विरोध प्रदर्शन और हड़तालें और तेज शुरू हो गईं और नेतन्याहू को पूरी ओवरहाल योजना को महीनों के लिए तुरंत रोकना पड़ा और गैलेंट को हटाने का फैसला वापस ले लिया, द टाइम्स ऑफ इजरायल ने यह खबर दी है.
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