वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात स्थानीय समय के अनुसार अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए, जिनमें पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पैदा हुआ भारत-पाकिस्तान संघर्ष भी शामिल है.
ट्रंप ने एक ही सांस में कहा, “अपने पहले 10 महीनों में, मैंने आठ युद्ध खत्म किए… कंबोडिया और थाईलैंड… पाकिस्तान और भारत में न्यूक्लियर वॉर होता. 3.5 करोड़ लोगों ने कहा कि अगर मैं दखल नहीं देता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो जाती.” यह बयान एक तरह की जुबान फिसलने जैसा लगा. संभव है कि उनका मतलब यह था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते.
भारत ने पाकिस्तान के साथ दुश्मनी खत्म करने के समझौते में अमेरिका की किसी भी भूमिका से इनकार किया है. भारत का कहना है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस की ओर से आया था.
भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी. यह ऑपरेशन एक सख्त और निशाना साधकर चलाया गया अभियान था, जिसका मकसद नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के अंदर तक मौजूद आतंकी ढांचे को खत्म करना था.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ड्रोन और यूसीएवी हमले किए. इनका निशाना भारत के अहम एयरबेस और लॉजिस्टिक्स ढांचे थे.
लेकिन इन कोशिशों को भारत की मजबूत और कई परतों वाली एयर डिफेंस व्यवस्था ने नाकाम कर दिया.
यह ऑपरेशन जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर चला. इसमें भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला.
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे पर सटीक हमले करने में अहम भूमिका निभाई. उसने नूर खान एयर बेस और रहीमयार खान एयर बेस जैसे ठिकानों पर जोरदार हवाई कार्रवाई की.
अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन रूस और यूक्रेन के बीच “हत्या और खूनखराबा” खत्म करने के लिए “कड़ी मेहनत” कर रहा है. उन्होंने इसे “ऐसा युद्ध बताया जो अगर मैं राष्ट्रपति होता तो कभी नहीं होता.”
ईरान के हालात पर बात करते हुए ट्रंप ने अपने विकल्प खुले रखे और कहा कि वह अब भी कूटनीतिक समाधान को तरजीह देते हैं.
उन्होंने कहा, “उन्होंने पहले ही ऐसे मिसाइल बना लिए हैं जो यूरोप और विदेशों में हमारे ठिकानों को निशाना बना सकते हैं, और वे ऐसे मिसाइल बनाने पर काम कर रहे हैं जो जल्द ही अमेरिका तक पहुंच सकेंगे… मेरी पसंद है कि इस समस्या को कूटनीति के जरिए सुलझाया जाए. लेकिन एक बात तय है, मैं दुनिया के सबसे बड़े आतंक प्रायोजक, जो कि वे हैं, को परमाणु हथियार रखने की इजाजत कभी नहीं दूंगा. यह नहीं हो सकता.”
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