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Tuesday, 24 March, 2026
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मुनीर ने की ट्रंप से बात, अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए मध्यस्थता तेज़: FT रिपोर्ट

ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के अनुसार मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की. पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र इस चल रहे संघर्ष को खत्म कराने की कोशिश में अहम देश बनकर उभर रहे हैं.

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से बात की. फाइनेंशियल टाइम्स ने सोमवार को रिपोर्ट दी कि इस्लामाबाद पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थ बनने की कोशिश तेज़ कर रहा है.

ब्रिटिश अखबार ने रिपोर्ट में कहा, “दो लोगों के अनुसार, जिन्हें इस कॉल की जानकारी दी गई, सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बात की, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत की.”

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “पाकिस्तान और ईरान के नेताओं के बीच बातचीत लगभग उसी समय हुई जब ट्रंप ने कहा कि उन्होंने तेहरान के साथ ‘बहुत अच्छी और उपयोगी’ बातचीत के बाद ईरान के पावर प्लांट को ‘नष्ट’ करने की अपनी धमकी को टाल दिया है, ताकि युद्ध खत्म किया जा सके.”

यह स्पष्ट नहीं है कि इस्लामाबाद, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बैक चैनल बातचीत के कारण ही ट्रंप ने सोमवार को ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की अपनी धमकी को टाल दिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ईरान को पिछले सप्ताहांत 48 घंटे का समय दिया था कि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोल दे. यह वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से प्रभावित है.

हालांकि, ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का समाधान निकालने के लिए “उपयोगी बातचीत” चल रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने रक्षा विभाग को ईरान के ऊर्जा ढांचे पर किसी भी हमले को पांच दिन के लिए टालने का निर्देश भी दिया.

लगभग चार हफ्ते से चल रहे इस संघर्ष को खत्म कराने के लिए पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र प्रमुख मध्यस्थ देशों के रूप में सामने आए हैं. ब्रिटिश अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, अंकारा ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि “छोटा युद्धविराम” कराया जा सके और बातचीत का रास्ता खुल सके.

फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने सोमवार को अपने तुर्किये के समकक्ष हाकन फिदान से बात की. मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती ने भी रविवार को ईरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ विटकॉफ और कतर के विदेश मंत्री से बातचीत की.

हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत होने से इनकार किया है. तेहरान ने माना कि कुछ क्षेत्रीय देश अमेरिका के संदेश ईरान तक पहुंचाने में शामिल हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA को बताया कि तेहरान ने तीसरे देशों के जरिए अमेरिका के संदेशों का “उचित जवाब” दिया है.

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने पिछले सप्ताह पश्चिम एशिया के अपने समकक्षों को बताया था कि इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच “मध्यस्थता” कर रहा है, लेकिन ज्यादा जानकारी साझा नहीं की.

ओमान और कतर पारंपरिक रूप से पश्चिम एशिया के वे देश रहे हैं, जो तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाते रहे हैं. पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत में मस्कट मुख्य मध्यस्थ था, इससे पहले कि ट्रंप ने तेहरान पर हमला करने का फैसला किया.

फील्ड मार्शल मुनीर और पाकिस्तान पिछले एक साल में अमेरिका के साथ रिश्ते बेहतर करने पर ध्यान दे रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी समझौते से लेकर ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने तक, इस्लामाबाद ने ट्रंप प्रशासन के साथ संबंध मजबूत करने की कोशिश की है.

पिछले साल इस्लामाबाद ने वॉशिंगटन में लॉबिंग भी बढ़ाई और कई लॉबिंग फर्म्स को नियुक्त किया. पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष पाकिस्तान के लिए ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट का बड़ा खतरा पैदा करता है.

पाकिस्तान तेल और गैस के आयात के लिए पश्चिम एशिया पर बहुत ज्यादा निर्भर है. युद्ध शुरू होने के बाद से देश ने कई आपात कदम उठाए हैं. 2024 में पाकिस्तान ने अपने सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 10 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन आयात पर खर्च किया. इन आयात का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर आता है.

ईरान ने कहा है कि गैर-युद्ध में शामिल देशों के जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद नहीं है. पिछले कुछ हफ्तों में भारत के लिए जा रहे कम से कम चार टैंकर इस समुद्री मार्ग से गुजर चुके हैं, जिनमें लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) थी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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