वाशिंगटन/बीजिंग/कोलंबो, 26 जनवरी (भाषा) जीवंत पारंपरिक परिधान पहने उत्साही प्रवासी भारतीयों ने शुक्रवार को विदेश स्थित अपने मिशन में भारत का 75वां गणतंत्र दिवस मनाया। इन दूतावासों/उच्चायोगों में राष्ट्रीय तिरंगा फहराये गये।
विभिन्न मिशन में भारतीय दूतों ने देश की प्रगति के बारे में चर्चा की और कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश चुका है और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा की ओर अग्रसर है।
अमृत काल भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस से 100वें स्वतंत्रता दिवस तक का समय है।
दुनिया भर में भारतीय राजदूतों ने तिरंगा फहराया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गणतंत्र दिवस संदेश पढ़कर सुनाया, इन में अमेरिका, रूस, इटली, जर्मनी, सिंगापुर, नाइजीरिया, यूक्रेन, मालदीव, इज़राइल, श्रीलंका, न्यूजीलैंड, चेक गणराज्य, थाईलैंड, कंबोडिया, जापान, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं।
इस अवसर पर लगभग हर जगह, प्रवासी नागरिक पारम्परिक परिधानों में सुसज्जित दिखे। इन मिशन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अमेरिका में देश के शीर्ष राजनयिक तरणजीत सिंह संधू ने 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कहा कि भारत आज शांति, स्थिरता, नवाचार और समृद्धि के प्रतीक के रूप में खड़ा है।
वाशिंगटन डीसी शहर में भारतीय दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और गणतंत्र दिवस समारोह में दूतावास के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने भाग लिया।
मिस्र में भारत के राजदूत अजीत गुप्ते ने 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाने के लिए एक स्वागत रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में मिस्र के संचार और आईटी मंत्री डॉ. अम्र तलत शामिल हुए।
चीन में भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट किया, “ठंड के मौसम के बावजूद उमड़ी भीड़ में श्रद्धापूर्ण देशभक्ति प्रकट हुई।”
यूक्रेन की राजधानी कीव में, भारत के राजदूत ने समारोह के दौरान अपने संबोधन में भारत और यूक्रेन के लोगों के लिए शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।’’
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने से पहले संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी।
नाइजीरिया के लागोस में, भारत के महावाणिज्य दूत ने कहा, ‘‘पांच सौ से अधिक प्रवासी भारतीयों और अन्य लोगों ने समारोह में भाग लिया, जिसमें लागोस के तीन स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति गीत भी प्रस्तुत किए।’’
हैम्बर्ग में भारतीय दूतावास के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल ने समारोह की तस्वीरें पोस्ट कीं।
लेबनान, भूटान और रूस की राजधानियों सहित कई स्थानों पर प्रवासी भारतीयों की बड़ी भागीदारी के साथ भारतीय मिशन में सांस्कृतिक समारोह आयोजित किए गए।
इटली में भारतीय मिशन ने कहा, “विभिन्न समुदायों के भारतीय प्रवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आनंदमय उत्सव को बढ़ाया!” न्यूजीलैंड में, एक राजस्थानी सांस्कृतिक दल ने उच्चायोग में प्रस्तुति दी, जहां भवई और कालबेलिया पारंपरिक लोक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
न्यूजीलैंड में उच्चायुक्त नीता भूषण ने प्रवासी भारतीयों को सम्मानित किया, जिन्हें हाल ही में न्यूजीलैंड मेरिट ऑफ ऑर्डर, क्वीन्स सर्विस मेडल पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था।
नेपाल में, राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारतीय सेना के मृत सैनिकों की विधवाओं और निकट संबंधियों को नकद राशि दी और उन्हें सम्मानित किया।
गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, 24 जनवरी की शाम को, भारतीय उच्चायोग ने ढाका में एक समारोह की मेजबानी की, जिसमें बांग्लादेश की सरकार, संसद, न्यायपालिका और सशस्त्र बलों के गणमान्य व्यक्तियों की एक महत्वपूर्ण उपस्थिति देखी गई।
भाषा सुरेश प्रशांत
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