काठमांडू, 12 सितंबर (भाषा) नेपाल में छात्रों के नेतृत्व में हाल ही में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान देशभर में लगभग दो दर्जन होटल में तोड़फोड़, लूटपाट या आगजनी की घटनाएं दर्ज की गईं। इससे पर्यटन आधारित नेपाली अर्थव्यवस्था के राजस्व अर्जित करने वाले महत्वपूर्ण घटक होटल उद्योग को 25 अरब रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को प्रकाशित एक खबर में यह जानकारी दी गई है।
समाचार पोर्टल ‘माई रिपब्लिका’ की खबर में होटल एसोसिएशन नेपाल (एचएएन) के हवाले से कहा गया है कि काठमांडू का हिल्टन होटल हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां आठ अरब रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है।
इसमें कहा गया है कि काठमांडू घाटी, पोखरा, बुटवल, भैरहवा, झापा, विराटनगर, धनगढ़ी, महोत्तरी और डांग-तुलसीपुर में अन्य प्रमुख घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के होटल को भी हिंसा का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
खबर के मुताबिक, कई प्रभावित होटल मरम्मत और पुनर्निर्माण के बिना फिर से परिचालन शुरू नहीं कर पाएंगे, जिससे 2,000 से अधिक श्रमिकों की नौकरियां प्रभावित होंगी।
खबर के अनुसार, एचएएन ने चिंता जताई कि नुकसान के कारण होटलों के लिए बैंकों और अन्य संस्थाओं के प्रति वित्तीय दायित्व निभाना मुश्किल हो जाएगा। उसने एक न्यायिक समिति से विरोध-प्रदर्शनों की जांच कराने, दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने और प्रभावित व्यवसायों के लिए मुआवजे की घोषणा किए जाने की मांग की।
एचएएन ने सरकार से मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य के लिए राहत पैकेज घोषित करने का भी आग्रह किया। उसने इस बात पर जोर दिया कि निवेशकों का विश्वास बहाल करना पर्यटन विकास और देश की आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
नेपाल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन का योगदान लगभग सात प्रतिशत है और यह विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है। इस हिमालयी देश का आतिथ्य क्षेत्र कोविड-19 महामारी की चोट से अभी भी पूरी तरह से नहीं उबर पाया है।
भाषा पारुल नरेश
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