पेशावर, पांच अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय सरकार ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नौ मई 2023 के दंगों के संबंध में दर्ज सभी मामले वापस ले लिए हैं।
प्रांतीय गृह विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार मामलों को वापस लेने के निर्णय को खैबर पख्तूनख्वा कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से खान की गिरफ्तारी के बाद नौ मई को हिंसा भड़क उठी थी। हिंसा के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने जिन्ना हाउस और रावलपिंडी स्थित जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) सहित नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया था।
इस अशांति के कारण पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी को गंभीर कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा तथा खान, शाह महमूद कुरैशी और यास्मीन राशिद सहित पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई वरिष्ठ नेताओं को घटनाओं में कथित संलिप्तता के कारण गिरफ्तार किया गया।
खैबर पख्तूनख्वा के महाधिवक्ता आमिर जावेद उत्मानखेल ने एक वीडियो संदेश में कहा कि नौ मई को दर्ज किए गए आतंकवाद संबंधी सभी मामले ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ थे, बिना सबूत या उचित जांच के दर्ज किए गए थे और सरकार द्वारा उत्पीड़न के समान थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन्हें वापस लेने का आदेश दिया। महाधिवक्ता ने कहा कि नौ मई की हिंसा से संबंधित 29 मामले प्रांत के विभिन्न जिलों में आतंकवाद विरोधी अधिनियम (एटीए) के तहत दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ इनमें से अधिकांश मामलों को साक्ष्य के अभाव में अदालतों ने पहले ही खारिज कर दिया है, तथा शेष मामले भी समाप्त हो जाएंगे क्योंकि कोई गवाह या ठोस सबूत मौजूद नहीं है।’’
भाषा शोभना नरेश
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