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Saturday, 31 January, 2026
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जयशंकर ने आसियान देशों के विदेशमंत्रियों साथ द्विपक्षीय बैठक की

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(तस्वीरों के साथ)

वियनतियाने(लाओस), 25 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने बृहस्पतिवार को आसियान बैठक से इतर फिलीपीन, नार्वे, कंबोडिया और तिमोर लेस्ते के अपने समकक्षों से मुलाकात की और इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

जयशंकर और अन्य सभी नेता इस समय लाओस की राजधानी वियनतियाने में आसियान ढांचे के तहत आसियान-भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) और आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) में हिस्सा लेने के लिए मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह आसियान के साथ भारत के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि नयी दिल्ली, एक्ट ईस्ट नीति का एक दशक पूरा कर रही है।

नार्वे के विदेशमंत्री एस्पेन बार्थ इडे के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने कहा, ‘‘ आज एस्पेन बार्थ इडे से मुलाकात अच्छी रही। भारत और नार्वे की स्वच्छ ऊर्जा तथा व्यापार में साझेदारी जारी रहेगी। दोनों देशों की बेहतरी के लिए यूरोपीय मुक्त व्यापार समझौते (ईएफटीए) को क्रियान्वित करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। भू राजनीति स्थिति पर भी चर्चा हुई।’’

इडे ने कहा कि जयशंकर के साथ बैठक ‘‘बेहद अच्छी रही’’। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘मैंने, चुनाव परिणामों के लिए और भारत के विदेश मंत्री के रूप में उनकी पुनः नियुक्ति के लिए उन्हें बधाई दी। नॉर्वे अगले नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए उत्सुक है।’’

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि वह अपने मित्र फिलीपीन के एनरिक ए मनालो से मिलकर ‘‘खुश हैं’’। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों लोकतंत्रों के बीच मजबूत होते हमारे सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझेदारी, विशेष रूप से कानून के शासन और आसियान की प्रमुखता बनाए रखने पर चर्चा की।’’

चीन, दक्षिण चीन सागर के अधिकांश हिस्से पर अपना दावा करता है और उसका फिलीपीन के साथ टकराव है। दोनों पक्षों ने टकराव खत्म करने के लिए हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

जयशंकर ने तिमोर लेस्ते के विदेश मंत्री बेंडिटो फ्रेटास और कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सोक चेंदा सोफिया के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की।

फ्रेटास से मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच पर कहा, ‘‘आसियान बैठक से इतर तिमोर लेस्ते के विदेश मंत्री बेंडिटो फ्रेटास से मुलाकात कर प्रसन्नता हुई। हमारी दिल्ली (भारत की राजधानी) से दिली (तिमोर लेस्ते की राजधानी) की दोस्ती विविधतापूर्ण और गहरी होनी जारी रहेगी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा प्राथमिकताओं पर एक दूसरे से अपने-अपने विचार साझा किए।’’

विदेश मंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री सोक चेंडा सोफिया से मिलकर खुशी हुई। हवाई संपर्क, रक्षा और विरासत संरक्षण सहित हमारे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति पर गौर किया। इसे और आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।’’

विदेश मंत्रालय ने उनकी यात्रा से पहले नयी दिल्ली में कहा कि जयशंकर की लाओस यात्रा इसलिए विशेष महत्व रखती है क्योंकि इस वर्ष भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक दशक पूरा हो रहा है जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 में नौवें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में की थी।

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के विदेश मंत्री और अमेरिका तथा चीन जैसे प्रमुख साझेदार देशों के शीर्ष राजनयिक तीन दिवसीय बैठक के लिए लाओस की राजधानी में एकत्र हुए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और चीनी विदेश मंत्री वांग यी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

भाषा धीरज खारी

खारी

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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