scorecardresearch
Wednesday, 14 January, 2026
होमविदेशबांग्लादेश के चटगांव में भारतीय वीजा केंद्र बंद, दिल्ली के दूतावास में सुरक्षा उल्लंघन से MEA का इनकार

बांग्लादेश के चटगांव में भारतीय वीजा केंद्र बंद, दिल्ली के दूतावास में सुरक्षा उल्लंघन से MEA का इनकार

चटगांव में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन के पास विरोध प्रदर्शनों के बाद ऑपरेशन रोक दिए गए. पुलिस ने भीड़ को जबरदस्ती तितर-बितर किया, जिसमें कम से कम चार लोग घायल हो गए.

Text Size:

नई दिल्ली: बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच चटगांव स्थित भारत के मिशन में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. वहीं विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली की एक घटना को लेकर “भ्रामक दुष्प्रचार” की बात कही है.

इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर यानी आईवीएसी ने रविवार से अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं. चटगांव में भारत के सहायक उच्चायोग के पास हुए प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह फैसला लिया गया. आईवीएसी ने कहा कि स्थिति की समीक्षा होने तक वीजा सेवाएं अगली सूचना तक बंद रहेंगी.

यह फैसला चटगांव के खुलशी इलाके में रातभर चले प्रदर्शनों के बाद लिया गया. यहां छात्रों और स्थानीय लोगों ने भारत के मिशन के बाहर प्रदर्शन किया. वे युवा नेता और भारत के मुखर आलोचक शरीफ उस्मान हादी की हत्या का विरोध कर रहे थे. पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया. इसमें एक पुलिसकर्मी समेत कम से कम चार लोग घायल हुए.

बांग्लादेश पुलिस के अनुसार, इसके बाद सहायक उच्चायोग के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

नोटिस में कहा गया कि चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग में हालिया सुरक्षा घटना के कारण आईवीएसी चटगांव में भारतीय वीजा सेवाएं 21 दिसंबर 2025 से अगली सूचना तक निलंबित रहेंगी. स्थिति की समीक्षा के बाद वीजा केंद्र को दोबारा खोलने की घोषणा की जाएगी.

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश उच्चायोग के सामने नारे लगाने पहुंचे प्रदर्शनकारियों द्वारा किसी भी तरह की सुरक्षा में सेंध नहीं लगाई गई.

मंत्रालय ने बयान में कहा कि बांग्लादेशी मीडिया के कुछ हिस्सों में इस घटना को लेकर भ्रामक दुष्प्रचार किया गया है. तथ्य यह है कि 20 दिसंबर को करीब 20 से 25 युवा नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के सामने एकत्र हुए और मयमनसिंह में दीपु चंद्र दास की नृशंस हत्या के विरोध में नारे लगाए. उन्होंने बांग्लादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग भी की.

बयान में कहा गया कि किसी भी समय बाड़ तोड़ने या सुरक्षा स्थिति पैदा करने की कोई कोशिश नहीं की गई. कुछ ही मिनटों बाद पुलिस ने समूह को हटा दिया.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि वियना कन्वेंशन के अनुसार भारत अपने क्षेत्र में विदेशी मिशनों और दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. भारत बांग्लादेश में हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है. हमारे अधिकारी बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में हैं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर अपनी गंभीर चिंता जता चुके हैं. हमने यह भी कहा है कि दास की बर्बर हत्या के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाए.

गौरतलब है कि बांग्लादेश में भारतीय मिशनों के बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं. चटगांव में भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठान पर हमला भी हुआ, जिसके बाद ढाका ने सुरक्षा बढ़ाई है.

इससे पहले हफ्ते में ढाका में पुलिस ने भारतीय राजनयिक आवासों के बाहर जुटने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया था. इनमें भारत के उप उच्चायुक्त का आवास भी शामिल था. स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन से जुड़े नेशनल सिटिजन पार्टी के सदस्य भी इन प्रदर्शनों में शामिल हुए. उन्होंने भारत विरोधी नारे लगाए और हादी के कथित हत्यारों के प्रत्यर्पण की मांग की.

राजशाही में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भारतीय मिशन तक पहुंचने से रोका. सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में सहायक उच्चायोग के पास पथराव की घटनाएं भी दिखीं. शाहबाग में प्रदर्शनकारियों ने ‘दिल्ली ना ढाका. ढाका ढाका’ जैसे नारे लगाए और भारतीय दूतावास को घेरने की अपील की.

बांग्लादेश में गुरुवार देर रात ढाका और कई अन्य शहरों में हिंसा भड़क उठी थी. यह तब हुआ जब खबर आई कि हादी की सिंगापुर में मौत हो गई है. उन्हें 12 दिसंबर को गोली मारे जाने के बाद इलाज के लिए वहां ले जाया गया था. इस हिंसा के दौरान दो बड़े मीडिया संस्थानों द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में आग लगा दी गई.

बांग्लादेश के संस्थापक राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के धनमंडी 32 स्थित आवास पर फिर से हमला किया गया. राजशाही और चटगांव में भारतीय राजनयिक मिशनों के पास भी विरोध मार्च की खबरें आईं.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादी पर हमला करने वाले लोग गोलीबारी के बाद भारत भाग गए. हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों ने अब तक इसका कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया है. अशांति के बीच गुरुवार रात एक सांप्रदायिक घटना भी सामने आई. पुलिस ने पुष्टि की कि मयमनसिंह में कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपु चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी.

शुक्रवार को बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हादी की मौत के बाद एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की और देशभर में विशेष प्रार्थनाओं के आदेश दिए. हादी का अंतिम संस्कार शनिवार को ढाका विश्वविद्यालय में किया गया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: पंजाब में आपराधिक हिंसा का नया और खतरनाक दौर — ‘गैंग और आतंकवाद का मेल’


 

share & View comments