सिंगापुर, 11 सितंबर (भाषा) सिंगापुर में भारतीय मूल के एक आव्रजन अधिकारी को लोगों को यात्रा पास दिलाने में मदद के बदले में यौन शोषण के जुर्म में बृहस्पतिवार को 22 महीने की जेल की सजा सुनाई गई।
आव्रजन एवं जांच प्राधिकरण (आईसीए) के निरीक्षक कन्नन मोरिस राजगोपाल जयराम ने अल्पकालिक यात्रा पास आवेदनों को मंजूरी में मदद के बदले यौन कृत्यों के रूप में भ्रष्ट आचरण के तीन आरोपों को कबूल किया।
‘चैनल न्यूज एशिया’ की खबर के अनुसार, कन्नन (55) को सज़ा सुनाते समय तीन अन्य समान आरोपों पर विचार किया गया। अदालती दस्तावेज़ों में 2022 और 2023 की घटनाओं का विवरण दिया गया है। इनमें 25 से 30 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक भी शामिल हैं-जो पढ़ाई के लिए सिंगापुर आए थे।
इसमें कहा गया है कि अल्पकालिक यात्रा पास विस्तार के संबंध में दिशानिर्देश मौजूद थे, लेकिन कन्नन के अधीनस्थ कर्मचारी कठिनाइयों का सामना करने पर उससे परामर्श करते थे, तथा कन्नन के पास किसी भी आवेदन को स्वीकृत या अस्वीकृत करने का विवेकाधिकार था। अभियोजन पक्ष ने इसे एक ‘भयावह मामला’ बताया।
चैनल ने अभियोजकों के हवाले से कहा, ‘हमारी सीमाओं के संरक्षक और सिंगापुर के निष्पक्ष, तटस्थ प्रतिनिधि के रूप में कार्य करने के बजाय आरोपी ने इन युवा विदेशियों का शोषण किया।’ कन्नन की जेल की सजा 18 सितंबर से शुरू होगी।
भाषा आशीष मनीषा
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