इमरान खान की फाइल फोटो । ट्विटर
Text Size:

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को इससे क्या फायदा होता. उन्होंने भारत के उस आरोप को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान की सेना का पुलवामा हमले में सीधा हाथ था.

उन्होंने कहा कि भारत ने बिना सबूत के पाकिस्तान पर आरोप लगा दिया है और अगर भारत के पास पुख्ता सबूत है तो वो उसे दे. इमरान खान ने कहा कि अगर कोई पाकिस्तान की ज़मीन इस्तेमाल कर रहा है. तो वो पाकिस्तान का नुकसान कर रहा है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को इससे क्या फायदा होगा. हमने 15 साल से दहशत देखी है जिसमें 70000 से ज़्यादा पाकिस्तानी मारे गए है, अब पाकिस्तान अमन की तरफ जा रहा है.

खान ने कहा कि मैं यह भी सवाल पूछना पूछना चाहता हूं कि किसी भी हमले के लिए पाकिस्तान को क्यों ज़िम्मेदार ठहरा दिया जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि ये नया पाकिस्तान है. अगर कोई भी पाकिस्तान हमारी धरती का उपयोग करता है तो हम उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए तैयार हैं हम भारत सरकार से बात तैयार करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि ‘आतंकवाद से हमारा 100 अरब डॉलर का नुक्सान हुआ है. हिंदुस्तान में एक नयी सोच आनी चाहिए कि क्या वजह है कश्मीर के युवाओं को मौत का खौफ नहीं है कोई तो वजह होगी.’

उन्होंने यह भी कहा, ‘अगर आजतक सेना के माध्यम से ये मामला हल नहीं हुआ तो अब हो जायेगा क्या?’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि हर हमले पर पाकिस्तान का नाम लेने की भारत की आदत है जबकि पाकिस्तान दहशतगर्दी का शिकार है और उस से लड़ रहा है. इमराम खान ने साथ ही कहा कि अगर युद्ध होता है तो पाकिस्तान उसका पूरा जवाब देगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना था कि साऊदी प्रिंस की यात्रा में व्यस्त पाकिस्तान क्यों किसी भी हमले को अंजाम देता.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भाषण पर विश्लेषकों का कहना है कि पांच दिन बाद इस तरह की बात करना दिखाता है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सेना और आईएसआई के लिखे भाषण को पढ़ रहे हैं. भारत ने 26/11 के हमले, ऊरी और पठानकोट हमलों के सबूत भेजे पर उसका कुछ हुआ नहीं. पुलवामा हमले के एक दिन पहले ईरान में हुए हमले में भी ईरान ने पाकिस्तान पर उंगली उठाई थी. पर पाकिस्तान ने उस हमले से भी इंकार किया है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का बयान उस दिन आया है जब भारत की सेना से सीधे-सीधे पाकिस्तान के पुलवामा में हमले में हाथ होने का आरोप लगाया था.

भारत के प्रधानमंत्री ने पहले ही कह दिया कि सेना को खुली छूट दी गई है. पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी हटा दिया है और पाकिस्तान से आयात पर 200 प्रतिशत का कर लगा दिया है.

पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के बयान पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्हें और क्या सबूत चाहिए? जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर वहां बैठे हैं. क्या वे स्वीकार करेंगे जब हम उन्हें हमारी सेना द्वारा मारे गए आतंकवादियों के शव दिखाएंगे? यह किस तरह का बयान है? पूरी दुनिया सच्चाई जानती है.

भारत ने इमरान के दावों को नकारा

भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के 26/11 आतंकी हमले में इस्लामाबाद की निष्क्रियता का हवाला देते हुए पिछले हफ्ते के पुलवामा हमले की जांच की पेशकश को खारिज कर दिया.

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘यह एक बहाना मात्र है. 26/11 को मुंबई में हुए भीषण हमले में पाकिस्तान को सबूत मुहैया कराया गया था. इसके बावजूद, पिछले 10 वर्षों से यह मामला आगे नहीं बढ़ा है. इसी तरह पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले पर भी कोई प्रगति नहीं हुई है.’


Share Your Views

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here