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Friday, 16 January, 2026
होमविदेशअंडमान को-ऑप बैंक घोटाले में संपत्ति के बढ़े हुए मूल्यांकन पर भारी ऋण स्वीकृत किया गया: पुलिस

अंडमान को-ऑप बैंक घोटाले में संपत्ति के बढ़े हुए मूल्यांकन पर भारी ऋण स्वीकृत किया गया: पुलिस

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(सुजीत नाथ)

पोर्ट ब्लेयर, 20 अगस्त (भाषा) अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एएनएससीबीएल) से जुड़े ऋण अनियमितता मामले की जांच से पता चला है कि करोड़ों रुपये के कर्ज “अपर्याप्त सुरक्षा कवरेज के साथ स्वीकृत किए गए थे।” एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद कुलदीप राय शर्मा का नाम भी सामने आया है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एएनएससीबीएल की नीति के तहत ऋण राशि का कम से कम 150 फीसदी हिस्सा संपार्श्विक (कोलैटरल) के माध्यम से सुरक्षित होना आवश्यक है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि कई मामलों में अपर्याप्त सुरक्षा कवरेज के साथ भारी ऋण स्वीकृत किए गए, जिससे बैंक को अधिक वित्तीय जोखिम का सामना करना पड़ा।

अधिकारी के मुताबिक, जांच में संपत्ति मूल्यांकन प्रमाणपत्रों में हेराफेरी के कई मामलों की पहचान की गई है और कुछ मामलों में तहसीलदार की भूमिका भी तफ्तीश के दायरे में है।

अधिकारी ने कहा, “बैंक की नीति के अनुसार, ऋण स्वीकृत करते समय तहसीलदार की रिपोर्ट और निजी मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट में से जिसमें कम मूल्यांकन किया जाता है, उस पर विचार किया जाना चाहिए। लेकिन कई मामलों में, ऋण वितरित करते समय जाली उच्च मूल्यांकन पर विचार किया गया। इससे नीति का गंभीर उल्लंघन हुआ और बैंक को उच्च जोखिम वाले ‘डिफॉल्ट’ में धकेल दिया गया।”

उन्होंने कहा, “जांच में यह भी सामने आया कि ऋण फाइलों से स्वामित्व विलेख और बंधक समझौतों सहित कई मूल दस्तावेज गायब थे, जिससे बैंक के भीतर दस्तावेज प्रबंधन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी चिंताएं पैदा हुई हैं।”

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, बैंक से 100 से ज्यादा ऋण खातों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि धोखाधड़ी से प्राप्त की गई। 30 जुलाई को कोलकाता से ईडी अधिकारियों की एक टीम पोर्ट ब्लेयर पहुंची और 31 जुलाई को मौलाना आजाद रोड स्थित एएनएससीबीएल कार्यालय तथा पोर्ट ब्लेयर के जंगलीघाट स्थित शर्मा के घर का दौरा कर विभिन्न लोगों से पूछताछ की।

एक अधिकारी ने बताया कि ईडी अधिकारियों ने बैंक ऋण अनियमितताओं से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।

अधिकारी के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने पोर्ट ब्लेयर के कुछ व्यापारियों/कारोबारियों और एएनएससीबीएल के प्रबंध निदेशक के मुरुगन सहित पूर्व कर्मचारियों के घरों एवं कार्यालयों की भी तलाशी ली।

एएनएससीबीएल में ऋण अनियमितताओं के संबंध में 15 मई को शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

शर्मा 2019 से 2024 तक अंडमान से कांग्रेस के सांसद थे। उनके अलावा सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष, बोर्ड के सदस्यों और बैंक के निदेशक/अधिकारियों तथा कई लाभार्थियों को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया था।

सीआईडी ने 18 जुलाई को पूर्व सांसद को एएनएससीबीएल ऋण अनियमितताओं से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। शर्मा, जो पूर्व में एएनएससीबीएल के अध्यक्ष रह चुके थे, को पोर्ट ब्लेयर के एक निजी अस्पताल से हिरासत में लिया गया था, जहां उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती कराया गया था।

पुलिस को सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार (मुख्यालय) से एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें ऋणदाता के विभिन्न लोगों को ऋण स्वीकृत करने में घोर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया गया था।

इस घोटाले के सिलसिले में 25 जून से अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एएनएससीबीएल के प्रबंध निदेशक के मुरुगन, बैंक कर्मचारी कलैवानन और छह अन्य शामिल हैं।

भाषा पारुल नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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