नई दिल्ली: फ्रांस इस साल के अंत में G7 की अपनी अध्यक्षता के हिस्से के रूप में अगला ‘No Money for Terror’ सम्मेलन आयोजित करेगा.
फ्रांस के कूटनीतिक सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि चल रही G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान तीसरे सत्र में पेरिस ने घोषणा की कि वह इस सम्मेलन का यह संस्करण “आतंकवादी फंडिंग के उभरते रूपों से निपटने” के लिए आयोजित करेगा.
फ्रांसीसी कूटनीतिक सूत्र ने कहा, “2018 में ही फ्रांस ने पहला ‘No Money for Terror’ सम्मेलन आयोजित करके आतंकवादी फंडिंग से मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस कार्यक्रम ने आतंकवादी फंडिंग के विभिन्न स्रोतों से निपटने के प्रयासों में FATF (Financial Action Task Force) की केंद्रीय भूमिका को दोबारा मजबूत किया और इस क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय एक्शन प्लान, पेरिस एजेंडा, को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया.”
उन्होंने आगे कहा: “फ्रांस G7 की अपनी अध्यक्षता के हिस्से के रूप में पांचवां No Money for Terror सम्मेलन आयोजित करेगा. यह आतंकवादी फंडिंग के उभरते रूपों से निपटने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय एजेंडा को आगे बढ़ाने का अवसर देगा.”
यह मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 2018 में FATF के समर्थन से फ्रांस द्वारा आयोजित किया गया था. FATF की स्थापना 1989 में G7 सदस्य देशों ने की थी, जिसका शुरुआती उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग से लड़ना था और बाद में 2001 में इसे आतंकवादी फंडिंग से मुकाबला करने तक बढ़ाया गया.
भारत ने 2022 में ‘No Money for Terror’ सम्मेलन आयोजित किया था. FATF आतंकवाद के लिए वैश्विक फंडिंग नेटवर्क का आकलन करता है और मानक तय करता है. यह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी फंडिंग के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न करने वाले उच्च जोखिम वाले देशों का आकलन करते हुए ब्लैक लिस्ट और ग्रे लिस्ट जारी करता है.
भारत के लिए FATF एक महत्वपूर्ण संस्था है, क्योंकि इसने पहले पाकिस्तान को बढ़ी हुई निगरानी वाले क्षेत्र—ग्रे लिस्ट, में सार्वजनिक रूप से शामिल किया था, जब वह आतंकवादी फंडिंग से लड़ने में कमियों को दूर करने के लिए इस संगठन के साथ काम कर रहा था.
अक्टूबर 2022 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था, क्योंकि FATF ने माना कि पाकिस्तान ने आतंकवादी फंडिंग से निपटने के लिए कदम उठाए हैं. इसके बाद भारत FATF से लगातार यह मांग करता रहा है कि पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में शामिल किया जाए.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद खबर है कि भारत पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी संगठनों को लगातार समर्थन दिए जाने के सबूत FATF के साथ साझा करने के लिए डोजियर तैयार कर रहा है. FATF की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में शामिल देशों को अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए निवेश और मदद जुटाने में मुश्किल हो सकती है.
पिछले लगभग पांच वर्षों में आर्थिक संकट से बचने के लिए इस्लामाबाद लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यक्रमों में शामिल रहा है. भारत और फ्रांस ने कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर करीबी साझेदारी बनाए रखी है.
फ्रांस इस जून में एवियन शहर में G7 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए यात्रा करने की संभावना है. विदेश मंत्री फ्रांस के निमंत्रण पर आउटरीच सदस्य के रूप में विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार से दो दिन के दौरे पर फ्रांस में हैं.
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