नई दिल्ली: पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा नई दिल्ली से वर्चुअल भाषण देने के दो दिन बाद, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने कहा कि वह इस बात से “हैरान और स्तब्ध” है कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति कैसे दी गई.
मंत्रालय ने कहा कि यह भाषण “बांग्लादेश-भारत संबंधों के भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है.”
रविवार को जारी बयान में मंत्रालय ने कहा, “बांग्लादेश की सरकार और जनता इस बात से हैरान और स्तब्ध हैं कि फरार शेख हसीना, जिन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा दोषी ठहराया जा चुका है, को 23 जनवरी को नई दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बयान देने की अनुमति दी गई. इस बयान में उन्होंने खुले तौर पर बांग्लादेश सरकार को हटाने की अपील की और अपनी पार्टी के वफादारों व आम जनता को आगामी आम चुनावों को पटरी से उतारने के लिए आतंक की घटनाएं करने के लिए साफ तौर पर उकसाया.”
2024 में सत्ता से हटाए जाने के बाद भारत में अपने पहले औपचारिक संबोधन में हसीना ने पत्रकारों को संबोधित किया और आरोप लगाया कि “हत्यारे, फासीवादी” मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश को “खून से सना हुआ देश” बना दिया है. इसके बाद उन्होंने सभी से अंतरिम प्रशासन पर दबाव बनाने की अपील की ताकि उन्हें आगामी चुनावों में हिस्सा लेने दिया जाए.
पिछले दो हफ्तों में हसीना के पूर्व कैबिनेट मंत्रियों ने नई दिल्ली में दो प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं. इनमें से एक प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई, जिसमें संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (UN OHCHR) की उस रिपोर्ट का खंडन किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हसीना सरकार ने 1,400 लोगों की हत्या की.
शुक्रवार को हुई ताजा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विदेश मंत्री ए.के. अब्दुल मोमेन और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोवफेल ने आरोप लगाया कि अवामी लीग को जानबूझकर चुनावों से बाहर रखा जा रहा है. नोवफेल ने यह भी दावा किया कि यदि पार्टी को चुनाव लड़ने दिया गया, तो वह अपनी 70 प्रतिशत सीटें जीत लेगी.
बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं.
इन बयानों की निंदा करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारतीय राजधानी में इस कार्यक्रम को होने देना और सामूहिक हत्यारी हसीना को खुले तौर पर नफरत भरा भाषण देने देना, अंतर-राज्यीय संबंधों के मानकों—जिनमें संप्रभुता का सम्मान, गैर-हस्तक्षेप और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांत शामिल हैं—के खिलाफ है, और यह बांग्लादेश की जनता और सरकार का स्पष्ट अपमान है.”
मंत्रालय ने कहा, “यह बांग्लादेश-भारत संबंधों के भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है और इससे बांग्लादेश में भविष्य में चुनी गई सरकार की आपसी लाभकारी द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने, आकार देने और मजबूत करने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है.”
बयान में यह भी कहा गया कि ऐसे बयान “बांग्लादेश के लोकतांत्रिक संक्रमण, शांति और सुरक्षा को प्रभावित और खतरे में डालते हैं.”
इसमें आगे कहा गया, “बांग्लादेश को गहरा दुख है कि भारत, द्विपक्षीय प्रत्यर्पण समझौते के तहत बांग्लादेश सरकार के बार-बार अनुरोध के बावजूद, अब तक शेख हसीना को बांग्लादेश को सौंपने की अपनी जिम्मेदारी पर कार्रवाई नहीं कर पाया है, बल्कि उन्हें अपनी ही धरती से ऐसे भड़काऊ बयान देने की अनुमति दी गई है.”
अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर अंतरिम प्रतिबंध को सही ठहराते हुए मंत्रालय ने कहा कि उसके “बेशर्माना उकसावे” ने एक बार फिर दिखा दिया है कि अंतरिम सरकार को यह प्रतिबंध क्यों लगाना पड़ा.
MoFA ने कहा कि बांग्लादेश चुनाव से पहले और चुनाव के दिन होने वाली हिंसा और आतंक की घटनाओं के लिए अवामी लीग को “जिम्मेदार ठहराएगा” और उसकी “दुष्ट साजिशों” को नाकाम करने के लिए उचित कदम उठाएगा.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
