(एम. जुल्करनैन)
लाहौर, 15 सितंबर (भाषा) जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने राष्ट्रमंडल पर्यवेक्षक समूह (सीओजी) से पिछले साल आठ फरवरी को हुए आम चुनावों पर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की बात कही।
पार्टी ने कहा कि यह रिपोर्ट मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार के लिए किसी ‘बम’ से कम नहीं है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सीओजी से सवाल किया कि उसने अपनी ‘निंदनीय रिपोर्ट को फिलहाल क्यों दबा दिया’ और इसे सार्वजनिक न करने के लिए कौन से व्यक्ति या संस्थाएं जिम्मेदार हैं।
पार्टी ने दावा किया कि सीओजी रिपोर्ट की लीक हुई सामग्री से ‘प्रणालीगत धांधली, संस्थागत पक्षपात और पीटीआई तथा इसके संस्थापक इमरान खान को जानबूझकर निशाना बनाए जाने’ का खुलासा हुआ है।
हालांकि ‘नेशनल असेंबली’ में सबसे अधिक सीट स्वतंत्र उम्मीदवारों ने जीतीं, जिनमें से अधिकतर को इमरान खान की पार्टी का समर्थन प्राप्त था लेकिन पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने मिलकर गठबंधन कर सरकार बनाई।
पीटीआई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मिशन की लीक हुई रिपोर्ट ने ‘चुनाव पूर्व और बाद में व्यापक धांधली’ के बारे में पार्टी की लंबे समय से की जा रही आशंकाओं को पुष्ट किया है।
पीटीआई के वरिष्ठ नेता और खान के करीबी सहयोगी जुल्फी बुखारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह सार्वजनिक जानकारी का विषय है कि पाकिस्तान के 2024 के आम चुनावों में व्यापक अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने कहा कि हाल ही में सामने आई सीओजी रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं हैं, जिन्हें बिना किसी उचित वजह के जनता से छुपाया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि इस रिपोर्ट को किस अधिकार के तहत दबाया गया और कितने समय तक? इसके दबाव के लिए कौन-कौन से व्यक्ति या संस्थान जिम्मेदार हैं?’’ पाकिस्तान में 2024 के आम चुनावों पर सीओजी की अंतिम रिपोर्ट के एक हालिया समाचार खबर के जवाब में राष्ट्रमंडल के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा: “हमें पता है कि 2024 के पाकिस्तान आम चुनावों पर सीओजी की एक संस्करण ऑनलाइन प्रसारित हो रहा है। नीति के तहत राष्ट्रमंडल सचिवालय लीक दस्तावेजों पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा।’’
भाषा यासिर माधव
माधव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
