(योषिता सिंह)
न्यूयॉर्क, 19 सितंबर (भाषा) अमेरिका में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था ने श्रमिकों के कथित शोषण मामले में उसके खिलाफ जांच बंद करने के न्याय विभाग के फैसले का स्वागत किया है।
भारतीय श्रमिकों के एक समूह ने 2021 में न्यूजर्सी के अमेरिकी जिला न्यायालय में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के खिलाफ मानव तस्करी और श्रम कानून के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर कराया था।
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बंधक बनाकर रखा गया तथा न्यूजर्सी में विशाल स्वामीनारायण मंदिर के निर्माण के लिए लगभग एक अमेरिकी डॉलर में काम करने के लिए मजबूर किया गया।
बीएपीएस उत्तर अमेरिका ने एक बयान में कहा कि न्याय विभाग और न्यूजर्सी जिले के लिए अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा बीएपीएस और बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम के निर्माण की जांच बंद किए जाने के निर्णय का संस्था स्वागत करती है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि शिकायत में छह लोगों के नाम थे, जिन्होंने कहा था कि वे उन 200 से अधिक भारतीय नागरिकों में शामिल थे, जिन्हें 2018 के आसपास धार्मिक वीजा ‘आर-1 वीजा’ पर अमेरिका लाया गया था और न्यूजर्सी में निर्माणस्थल में अक्सर खतरनाक परिस्थितियों में घंटों तक काम कराया गया था।
बृहस्पतिवार को संगठन ने कहा कि इस जांच को बंद करने का अमेरिकी सरकार का निर्णय हमारे रुख के अनुरूप है।
न्यूजर्सी स्थित अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी के लिए पीटीआई द्वारा भेजे गए ईमेल और फोन अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
भाषा शोभना वैभव
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