(अनीसुर रहमान)
ढाका, 27 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश पुलिस ने पूर्व सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मोहम्मद अली अराफात को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। वह कई मामलों में आरोपी हैं, जिनमें सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान एक छात्र की हत्या का मामला भी शामिल है।
पुलिस ने बताया कि उसने अराफात को राष्ट्रीय राजधानी के गुलशन इलाके से गिरफ्तार किया है। वे अराफात को हिरासत में लेने की याचिका के साथ अदालत में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पांच अगस्त को छात्र-जनता के बड़े पैमाने पर हुए आंदोलन के दौरान अवामी लीग सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद वह देश छोड़कर चले गए होंगे, क्योंकि वह सोशल मीडिया पर सक्रिय थे, जबकि अन्य मंत्री या पार्टी नेता सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए।
दो सप्ताह पहले, बांग्लादेश बैंक की वित्तीय खुफिया इकाई (बीएफआईयू) ने बैंकों को अराफात और उनकी पत्नी के खाते के लेनदेन पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
अराफात को वामपंथी जातीय समाजतांत्रिक दल (जेएएसओडी) के अध्यक्ष हसनुल हक इनु को ढाका में एक रिश्तेदार के घर से हिरासत में लिए जाने के एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस ने हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए उन्हें 10 दिन की हिरासत में लेने के लिए अदालत से आदेश मांगा था।
वहीं, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हत्या के पांच और मामले दर्ज किए गए हैं, जिससे अवामी लीग नेता के खिलाफ दर्ज मामलों की कुल संख्या 71 हो गई है। मंगलवार को मीडिया की एक खबर से यह जानकारी मिली।
‘डेली स्टार’ समाचार पत्र की खबर के अनुसार, हसीना (76) के खिलाफ नए मामलों में से चार ढाका में तथा एक राजशाही में दर्ज किया गया। उनके अलावा कई पूर्व मंत्रियों तथा पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
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