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Monday, 2 February, 2026
होमविदेशबांग्लादेश की अदालत ने पूर्व PM शेख हसीना को भ्रष्टाचार के दो मामलों में 10 साल जेल की सज़ा सुनाई

बांग्लादेश की अदालत ने पूर्व PM शेख हसीना को भ्रष्टाचार के दो मामलों में 10 साल जेल की सज़ा सुनाई

मामले सरकारी ज़मीन आवंटन में कथित गड़बड़ियों से जुड़े हैं. उनके भतीजे रदवान मुजीब सिद्दीक और भतीजियां तुलिप रिजवाना सिद्दीक व अजमीना सिद्दीक को भी जेल की सज़ा मिली.

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नई दिल्ली: ढाका की एक स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सरकारी ज़मीन के आवंटन में कथित गड़बड़ियों से जुड़े दो अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों में 10 साल की जेल की सज़ा सुनाई.

इन मामलों में उनके भतीजे रदवान मुजीब सिद्दीक और उनकी भतीजियां तुलिप रिजवाना सिद्दीक और अजमीना सिद्दीक को भी दोषी ठहराया गया है.

तुलिप सिद्दीक को चार साल की जेल की सजा सुनाई गई — हर मामले में दो-दो साल, जबकि रदवान और अजमीना को सात-सात साल की जेल दी गई. भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) की अदालत में पेश केस रिकॉर्ड के अनुसार, हसीना और उनके रिश्तेदारों ने आपसी मिलीभगत से काम किया और यह तथ्य छिपाया कि उनके पास पहले से ही शहर में घर, फ्लैट या आवास की सुविधा मौजूद थी. यह जानकारी बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो की रिपोर्ट में दी गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, इसके कारण उन्होंने प्लॉट आवंटन से जुड़े कानूनों, नियमों, नीतियों और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया. प्रधानमंत्री रहते हुए हसीना पर परियोजना को लागू करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित करने और अपनी शक्ति का दुरुपयोग करने का भी आरोप है.

रिकॉर्ड के अनुसार, सभी को अपने-अपने नाम पर 10 कट्ठा (13 वर्ग फुट) के प्लॉट आवंटित किए गए थे.

इन दो मामलों में कुल 36 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें राजधानी उन्नयन कर्तिपक्ष (राजुक) और अन्य सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही आवास और लोक निर्माण के एक पूर्व राज्य मंत्री भी शामिल हैं.

राजुक, यानी कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी, ढाका और उसके आसपास के इलाकों की योजना, विकास और विस्तार के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार शीर्ष सरकारी एजेंसी है. यह आवास और लोक निर्माण मंत्रालय के अधीन काम करती है और भूमि उपयोग, भवन निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को नियंत्रित करती है.

पहला मामला 10 मार्च 2025 को एसीसी द्वारा दायर चार्जशीट से जुड़ा है, जिसमें 18 आरोपियों को नामजद किया गया था. मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 31 गवाहों के बयान दर्ज किए. जनवरी के मध्य में सुनवाई पूरी हुई और अदालत ने 2 फरवरी को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी.

इससे पहले जुलाई में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप तय किए थे. ये आरोप जुलाई और अगस्त 2024 में हुए व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकार की कार्रवाई से जुड़े हैं, जिनके बाद 5 अगस्त 2024 को हसीना सत्ता से बाहर हो गई थीं.

न्यायाधिकरण ने हसीना पर सात हफ्ते चले आंदोलन के दौरान सामूहिक हत्याओं, यातना और जबरन गायब किए जाने के आदेश देने का आरोप लगाया है. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच हसीना सरकार के दौरान बांग्लादेश में हुए प्रदर्शनों के दमन में 1,400 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी.

हसीना 5 अगस्त 2024 से भारत में निर्वासन में रह रही हैं, जब बांग्लादेश में व्यापक प्रदर्शनों के बाद उनका लगभग 16 साल का कार्यकाल समाप्त हो गया था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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