ढाका, एक सितंबर (भाषा) बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमां ने सोमवार को मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से मुलाकात की और हाल के दिनों में देश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के बीच नागरिक प्रशासन की सहायता में सेना की भूमिका पर चर्चा की।
सेना ने एक बयान में इन मुलाकातों को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया और कहा कि जनरल ज़मां ने उन्हें अपनी हालिया चीन यात्रा के बारे में जानकारी दी।
मुख्य सलाहकार के प्रेस विंग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, यूनुस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सेना के निरंतर योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद कहा।
बयान में कहा गया है कि मुख्य सलाहकार ने इस भूमिका को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से परिभाषित कमान संरचना और आगामी महीनों में चुनावों से पहले सभी सुरक्षा बलों के बीच घनिष्ठ समन्वय शामिल है।
जनरल ज़मां ने मुख्य सलाहकार को अंतरिम सरकार के साथ अपने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि सेना सरकार को उसकी सभी पहल और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों ने बताया कि जनरल जमां के साथ कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी थे, जब वह पहले यूनुस के आधिकारिक यमुना निवास और फिर राष्ट्रपति निवास ‘बंगभवन’ में बातचीत के लिए गए।
यह घटनाक्रम पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिराने वाले छात्र आंदोलन से जुड़े एक राजनीतिक संगठन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दो दिन बाद हुआ है। इस कार्रवाई की यूनुस सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने कड़ी निंदा की थी।
दूसरी ओर, सेना ने कहा कि उसने ‘भीड़ हिंसा’ के विरुद्ध सरकार की ‘कतई बर्दाश्त नहीं करने की’ नीति के अनुरूप कदम उठाया।
शनिवार को, यूनुस के कार्यालय ने ‘बांग्लादेश अंतरिम सरकार का आधिकारिक बयान’ जारी किया, जिसमें सुरक्षा बलों की कार्रवाई और विशेष रूप से गण अधिकार परिषद के प्रमुख नूरुल हक नूर पर ‘क्रूर हमले’ की कड़ी निंदा की गई।
भाषा आशीष रंजन
रंजन
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
