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Saturday, 31 January, 2026
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कनाडा में कैब चालक गर्भवती महिला के लिए मसीहा बनकर उभरा

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टोरंटो, दो जनवरी (भाषा) कनाडा में भारतीय मूल का एक कैब चालक एक गर्भवती महिला के लिए मसीहा बनकर उभरा। महिला ने प्रसव पीड़ा होने के बाद कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया था और चालक ने तुरंत उसके साथ मौजूद व्यक्ति और नवजात को सकुशल अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय मीडिया की एक खबर में यह जानकारी दी गई है।

खबर के अनुसार, कैब में सवार महिला गर्भवती थी जिसने कार में ही बच्चे को जन्म दे दिया। ऐसे हालात में भारतीय टैक्सी चालक दंपति के लिए मसीहा बनकर उभरा और उसने इस मुश्किल परिस्थिति में तीनों को सकुशल अस्पताल पहुंचाया।

‘ग्लोबल न्यूज’ की खबर के अनुसार कैलगरी के टैक्सी चालक हरदीप सिंह तूर को पिछले शनिवार देर रात को एक आपात फोन कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया था कि उन्हें अस्पताल जाना है। बाद में उसे पता चला कि महिला गर्भवती थी और वह जल्द शिशु को जन्म देने वाली थी।

‘सीटीवी’ ने बृहस्पतिवार को तूर के हवाले से अपनी खबर में बताया, ‘‘एक गर्भवती महिला थी और उसके साथ मौजूद व्यक्ति उसे टैक्सी में बिठाने में मदद कर रहा था। वह दर्द में थी।’’

तूर ने दंपति को परेशान देखकर स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया।

तूर ने ‘सीटीवी’ को बताया, ‘‘मेरे मन में आया कि मुझे एंबुलेंस बुलानी चाहिए… लेकिन मौसम को देखते हुए मैंने सोचा कि शायद ये सही फैसला नहीं होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी भाव भंगिमा से साफ झलक रहा था कि उनके पास समय नहीं है… इसलिए मैंने गाड़ी चलाने का फैसला किया।’’

तूर के लिए अस्पताल तक की यह 30 मिनट की यात्रा अब तक की सबसे लंबी यात्रा थी।

‘ग्लोबल न्यूज’ की खबर के अनुसार, तूर ने कहा कि शून्य से करीब 23 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान, तूफानी मौसम और फिसलन भरी सड़कों को पार करते हुए उनका एकमात्र लक्ष्य दंपति को जल्द से जल्द और सुरक्षित अस्पताल पहुंचाना था।

हालांकि महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही टैक्सी की पिछली सीट पर बच्चे को जन्म दे दिया था।

तूर ने कहा, ‘‘मैं रुका नहीं… और मैं बस यही सोच रहा था कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाया जाए ताकि उन्हें चिकित्सा सहायता मिल सके।’’

जैसे ही वे अस्पताल पहुंचे अस्पताल के कर्मी तुरंत बाहर आए और दंपति व नवजात शिशु की मदद की।

तूर ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

चार साल से टैक्सी चला रहे तूर ने कहा, ‘‘यह मेरा पहला अनुभव है कि मैंने दो लोगों को अपनी टैक्सी में बैठाया और तीन लोगों को बाहर उतारा।’’

उन्होंने इसे एक ‘‘गर्व का पल’’ बताया।

भाषा सुरभि देवेंद्र

देवेंद्र

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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