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Friday, 6 February, 2026
होमविदेशशुक्रवार की नमाज़ के दौरान इस्लामाबाद की मस्जिद में धमाका, कम से कम 31 की मौत और 160 से ज्यादा घायल

शुक्रवार की नमाज़ के दौरान इस्लामाबाद की मस्जिद में धमाका, कम से कम 31 की मौत और 160 से ज्यादा घायल

धमाका ऐसे समय हुआ है जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव दो दिन के आधिकारिक दौरे पर हैं. आत्मघाती हमलावर की भूमिका की जांच जारी है.

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नई दिल्ली: हाल के महीनों में पाकिस्तान में हुए सबसे घातक हमलों में से एक में, शुक्रवार को इस्लामाबाद में एक शक्तिशाली विस्फोट के बाद कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 160 से ज्यादा लोग घायल हो गए. यह धमाका शुक्रवार की सामूहिक नमाज़ के दौरान एक शिया इबादतगाह में हुआ.

जिला प्रशासन के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह धमाका तरलाई इलाके में स्थित इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा में हुआ. डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट उस समय हुआ जब लोग शुक्रवार की नमाज़ के लिए इकट्ठा हुए थे.

रिपोर्ट में उक्त पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभी हमले की सही प्रकृति तय करना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन शुरुआती सबूतों से संकेत मिलता है कि इसमें आत्मघाती हमलावर शामिल हो सकता है.

इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने कहा, “शुरुआती संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं.”

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव दो दिन के आधिकारिक दौरे पर हैं, जिससे इस्लामाबाद की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने हमले की निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने अपनी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की ओर से एक्स पर जारी बयान में कहा, “निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है.”

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी धमाके की निंदा की है.

उन्होंने घटना पर “गहरा दुख” जताया और धमाके की “कड़ी निंदा” की, हालांकि, अभी तक उन्होंने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

यह ताज़ा हिंसा पाकिस्तान की सेना द्वारा अशांत बलूचिस्तान प्रांत में चलाए गए बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियानों की एक श्रृंखला के बाद हुई है. यह अभियान पिछले शनिवार को बलूच लिबरेशन आर्मी द्वारा 12 इलाकों में किए गए समन्वित हमले के बाद शुरू किए गए थे.

इस हफ्ते की शुरुआत में जारी एक बयान में पाकिस्तान सेना ने कहा कि पांजगुर और हरनाई ज़िले के बाहरी इलाकों में चलाए गए अभियानों में कम से कम 216 आतंकवादी मारे गए. ये अभियान, सेना के अनुसार, आतंकियों के ठिकानों से जुड़ी “विश्वसनीय और पुख्ता खुफिया जानकारी” के आधार पर चलाए गए थे.

सेना ने कहा कि इन अभियानों में 36 नागरिकों, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं और सुरक्षा बलों के 22 जवानों की भी मौत हुई. बयान में “भारत प्रायोजित आतंकी तत्वों” पर इलाके को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया गया.

भारत ने एक बयान में बलूचिस्तान में हिंसा में शामिल होने के पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया और उन्हें बेबुनियाद बताया. भारत ने कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से ध्यान हटाने की कोशिश है.

विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हैं. ये उसकी अपनी आंतरिक नाकामियों से ध्यान हटाने की उसकी पुरानी रणनीति का हिस्सा हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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