(अदिति खन्ना)
लंदन, 18 जुलाई (भाषा) बृहस्पतिवार को सामने आई एक स्वतंत्र सार्वजनिक जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिटिश सरकार ने 2020 की शुरुआत में कोविड महामारी के प्रकोप के दौरान जनता को योजनाओं और प्रक्रियाओं से निराश किया।
रिपोर्ट में भविष्य की असैन्य आपात स्थितियों के लिए “आमूलचूल सुधार” का आह्वान किया गया।
‘यूके कोविड-10 इंक्वायरी’ द्वारा प्रकाशित की जाने वाली नौ रिपोर्टों में से पहली रिपोर्ट में, अध्यक्ष बैरोनेस हीथर हैलेट ने कहा कि सरकार ने “गलत महामारी” के लिए तैयारी की और भविष्य की असैन्य आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने के लिए ब्रिटेन की संरचनाओं और प्रक्रियाओं में “आमूलचूल सुधार” का आह्वान किया।
ब्रिटेन में आधिकारिक तौर पर 2023 के अंत तक कोविड-19 से 2,35,000 से अधिक मौत हुईं और जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि यदि देश इस घातक प्रकोप के लिए बेहतर तरीके से तैयार होता तो मौत के इन आंकड़ों से कुछ हद तक बचा जा सकता था।
हैलेट ने कहा, “किसी बीमारी के कारण इतनी मौत और इतनी पीड़ा कभी नहीं होने दी जाएगी।”
उन्होंने कहा, “मुझे इस निष्कर्ष पर पहुंचने में कोई संकोच नहीं है कि समूचे ब्रिटेन में नागरिक आकस्मिक संरचनाओं की प्रक्रिया, योजना और नीति ने सभी चार देशों के नागरिकों को निराश किया है। सरकार की ओर से गंभीर गलतियां हुई हैं और हमारी आपातकालीन प्रणालियों में गंभीर खामियां हैं। ऐसा दोबारा नहीं होने दिया जा सकता।”
प्रमुख सिफारिशों में प्रणालियों का मौलिक सरलीकरण, कम से कम हर तीन साल में ब्रिटेन-व्यापी महामारी प्रतिक्रिया अभ्यास आयोजित करना और संपूर्ण प्रणाली की तैयारी और प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार एकल, स्वतंत्र वैधानिक निकाय का निर्माण करना शामिल है।
भाषा
प्रशांत पवनेश
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