इस्लामाबाद, 14 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान की एक अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान एवं उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कथित भ्रष्टाचार के एक नये मामले की जांच के वास्ते रविवार को आठ दिन की हिरासत के लिए भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारियों को सौंप दिया।
जिला एवं सत्र अदालत ने शनिवार को गैर इस्लामी शादी मामले में दोनों की दोषसिद्धि खारिज कर दी थी जिसके शीघ्र बाद उन्हें राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने गिरफ्तार कर लिया था।
इस अदालत के संक्षिप्त आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि अन्य मामलों में दोनों वांछित नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए।
खान दंपती के विरूद्ध नया तोशाखाना मामला दर्ज करने वाली एनएबी ने रविवार को दोनों को जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद अली वारिच के सामने पेश किया।
न्यायाधीश ने कड़े सुरक्षा कारणों से अडियाला जेल के अंदर ही सुनवाई की।
खान दंपती को गिरफ्तार करने वाली टीम की अगुवाई करने वाले एनएबी के उपनिदेशक मोहसिन हारून ने अदालत से अनुरोध किया कि दोनों को ब्यूरो की हिरासत में भेजा जाए। अदालत ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दोनों को आठ दिन के लिए एनएबी की हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने दोनों को 22 जुलाई को पेश करने का भी आदेश दिया।
एनएबी के अनुरोध पर हिरासत की अवधि अधिकतम 40 दिनों तक के लिए बढ़ायी जा सकती है बशर्ते कि संदिग्धों की जांच के लिए ऐसा करने की जरूरत हो।
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार खान ने मीडिया की अनुपस्थिति पर आपत्ति जताते हुए सुनवाई की शुरुआत में कहा, ‘अगर मीडिया को अनुमति नहीं दी गई, तो मैं अदालत से बाहर चला जाऊंगा।’
इसके बाद अदालत ने मीडिया प्रतिनिधियों को जेल के अंदर लाने का आदेश दिया और उनके पहुंचते ही सुनवाई शुरू हो गई।
खबर के अनुसार इसके बाद 71 वर्षीय खान ने सीधे न्यायाधीश को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पत्नी का तोशाखाना मामले में कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘मैंने जेल में चार बार कुरान पढ़ी है और इससे न्यायाधीशों पर बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है।’
उन्होंने कहा, ‘बुशरा बीबी को सिर्फ मुझे परेशान करने के लिए जेल में रखा गया है।’
उन्होंने उच्च अधिकारियों पर अपने निर्णयों के कारण अपनी पत्नी को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कहा: ‘मेरी पत्नी को ‘किंग’ द्वारा निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि मैंने उन्हें आईएसआई के पद से हटा दिया था और मेरी पत्नी ने उनका समर्थन नहीं किया था।’
उन्होंने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर का नाम लिये बगैर उनका उल्लेख किया।
खान ने दलील दी, ‘मुझे जेल में डाल दो, लेकिन मेरी पत्नी को छोड़ दो। न्यायाधीश आप अल्लाह के प्रति जवाबदेह हैं, आईएसआई के प्रति नहीं। न्यायाधीश बशीर ने कहा कि बंदूक की नोक पर फैसला लिया गया।’
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘एक पूर्व प्रधानमंत्री को आधी रात को बताया गया कि उन्हें सुबह एक बिल्कुल नए मामले में पेश होना है।’
नया तोशाखाना मामला इस आरोप पर आधारित है कि खान की सरकार के दौरान इस दंपती ने नियमों का उल्लंघन कर सरकारी खजाने से उपहार खरीदे थे।
यह तीसरा तोशाखाना मामला है तथा पिछले दो तोशाखाना मामलों में खान की सजा को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय निलंबित कर चुका है।
भाषा
योगेश वैभव
वैभव
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