(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 15 जुलाई (भाषा) जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने उस पर प्रतिबंध लगाये जाने के सरकार के फैसले को लेकर सोमवार को कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
पार्टी ने कहा कि यह कदम हताशा में उठाया गया है और संघीय प्रशासन में ‘‘घबराहट का संकेत’’ देता है।
पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया है कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को प्रतिबंधित किया जाएगा और खान (71) एवं उनकी पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाएगा।
खान 200 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें से कुछ में उन्हें दोषी करार दिया गया है और वह अभी रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
खान की पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘संघीय सरकार ने एक राजनीतिक दल के रूप में पीटीआई पार्टी को प्रतिबंधित करने का फैसला किया है। सूचना मंत्री द्वारा बताए गये कारणों में गोपनीय दस्तावेज लीक और चुनावी धांधली एवं राजनीति से प्रेरित मामलों पर अमेरिकी संसद का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन इन मामलों में कोई दम नहीं है। पीएमएल-एन अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है।’’
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) का नेतृत्व खान के चिर प्रतिद्वंद्वी नवाज शरीफ कर रहे हैं और यह उनके छोटे भाई शहबाज शरीफ नीत सत्तारूढ़ गठबंधन में बड़ा घटक दल है।
खान की पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सीनेट सदस्य अली जफर ने ‘जियो न्यूज’ से कहा कि संघीय सरकार ‘‘हताशा में आकर’’ पार्टी को प्रतिबंधित करने का प्रयास कर रही है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आरक्षित सीटों के मामले में उसके पक्ष में फैसला दिया है।
वह पिछले सप्ताह आए उच्चतम न्यायालय के उस महत्वपूर्ण फैसले का जिक्र कर रहे थे जिसमें कहा गया है कि खान की पार्टी राष्ट्रीय और चार प्रांतीय विधानसभाओं में महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीटों के लिए पात्र है।
यदि ये सीटें आवंटित कर दी जाती हैं तो खान की पार्टी नेशनल असेंबली में 109 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी हो जाएगी।
भाषा सुभाष वैभव
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